गांधीनगर। गुजरात सरकार ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत उपचार को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब 42 किलोग्राम से कम वजन वाले वयस्क टीबी मरीजों और 14 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को छह महीने तक “रेडी-टू-ईट न्यूट्रिशन स्नैक्स” उपलब्ध कराएगी।
यह घोषणा सोमवार को लोक भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में की गई। बैठक में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और वरिष्ठ अधिकारियों ने टीबी नियंत्रण उपायों और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की।
राज्य सरकार के अनुसार, 2026-27 के दौरान तालुकाओं और अधिक प्रभावित जिलों में 100 प्रतिशत एनएएटी (एनएएटी) परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए 100 नई ट्रूनैट मशीनें खरीदी जाएंगी। इसके अलावा, संदिग्ध टीबी मरीजों की घर-घर जांच के लिए 333 पोर्टेबल हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनें भी तैनात की जाएंगी।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि गुजरात में टीबी उन्मूलन अभियान को जन आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने अधिकारियों को टीबी नियंत्रण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और लोगों में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही टीबी मरीजों के बीच नशा मुक्ति को लेकर भी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर टीबी मरीज तक समय पर और बेहतर उपचार प्रभावी व्यवस्था के माध्यम से पहुंचाया जाए।
सरकार ने बताया कि राज्य के सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज मुफ्त उपलब्ध है। वर्तमान में गुजरात में 2,351 माइक्रोस्कोपी सेंटर, तीन टीबी कल्चर लैब, 74 सीबीएनएएटी मशीनें और 386 ट्रूनैट मशीनें संचालित हो रही हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में भविष्य के लक्ष्य और तैयारियों की जानकारी भी प्रस्तुत की।
‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ केंद्र सरकार का देशभर में क्षय रोग उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा राष्ट्रीय अभियान है।

Deshbandhu
GujratnewspoliticsHealth newsBhupendra Patel
Next Story |