हाई-टेक निगरानी – ANPR कैमरों से पेट्रोल-डीजल वितरण पर रोक
- आपातकालीन सेवाओं को छूट – मेडिकल और कानून-व्यवस्था वाले वाहन होंगे मुक्त
- तिपहिया वाहनों का इलेक्ट्रिफिकेशन – अब केवल इलेक्ट्रिक एल5 श्रेणी का पंजीकरण
- प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस – 2026-27 तक सख्त नीति लागू
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आदेश जारी किया है कि 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।
निगरानी होगी हाई-टेक सिस्टम से
- ईंधन वितरण पर रोक की निगरानी ANPR कैमरा सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों से की जाएगी।
- केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे मेडिकल इमरजेंसी, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े वाहनों को छूट दी जाएगी।
सीएक्यूएम के तीन बड़े फैसले
- वाहन प्रदूषण नियंत्रण – बिना PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा – तिपहिया वाहनों का चरणबद्ध इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा।
- पराली जलाने पर रोक – किसानों को वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।
तिपहिया वाहनों का इलेक्ट्रिफिकेशन
- पेट्रोल और डीजल से चलने वाले तिपहिया वाहन (सवारी व माल ढोने वाले) धीरे-धीरे बंद किए जाएंगे।
- अब केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (एल5 श्रेणी) का ही पंजीकरण होगा।
प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस नीति
सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 तक दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी। तकनीक और प्रवर्तन का यह मेल प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Deshbandhu
NCRdelhi ncr newspetrol and dieselnature
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