चंडीगढ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने मंगलवार को मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पर छापा मारा। छापे के दौरान सीबीआई ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक अधिकारी का रीडर ओपी राणा, एक निजी ड्राइवर और बिचौलिये के रूप में सामने आए बाप-बेटे शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पंजाब के डीजी (विजिलेंस) कार्यालय में उसके खिलाफ लंबित एक शिकायत को बंद कराने के लिए 20 लाख रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की थी। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि दोनों आरोपी वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारियों के लिए बिचौलिए के रूप में काम कर रहे थे।
सीबीआई की जांच-पड़ताल के दौरान, रिश्वत की मांग से जुड़े आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। आरोपियों ने रिश्वत की रकम को लेकर मोलभाव किया और मांग को 20 लाख रुपये से घटाकर 13 लाख रुपये कर दिया। इसके साथ ही, डीजी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा के लिए एक मोबाइल फोन की भी मांग की थी।
इसके बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी राघव गोयल और विकास उर्फ विक्की गोयल को अंबाला के पास पंजाब-हरियाणा सीमा पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राघव गोयल और विकास उर्फ विक्की गोयल के मलोट स्थित आवास और आरोपी ओ.पी. राणा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर तलाशी ली गई, जहां से 9 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। जांच में आगे यह भी पता चला कि आरोपी ओपी राणा और अन्य निजी आरोपियों के बीच, विजिलेंस से जुड़े लंबित मामलों के संबंध में संवेदनशील जानकारी का आदान-प्रदान हुआ था।
वहीं, इस पूरी कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "आईपीएस भुल्लर से 7.5 करोड़ की रिकवरी याद है? अब भगवंत मान के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। एक केंद्रीय एजेंसी ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो और विजिलेंस चीफ के दफ्तर पर छापा मारा है। कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत का सौदा जांच के दायरे में है। केंद्रीय एजेंसी ने इस कार्रवाई के दौरान कथित रूप से 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।

Deshbandhu Desk
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