नई दिल्ली: राजधानी के दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में रविवार तड़के दो महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़, मारपीट और नस्लीय टिप्पणी की घटना सामने आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित महिलाओं में से एक पूर्वोत्तर भारत की रहने वाली बताई जा रही है। महिलाओं का आरोप है कि कुछ युवकों ने पहले उन पर अभद्र टिप्पणियां कीं और बाद में विवाद बढ़ने पर उनके साथ हिंसक व्यवहार किया। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और चार संदिग्धों की पहचान करने का दावा किया है।
क्लब के बाहर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार यह घटना नेहरू प्लेस स्थित इरोस होटल के पास एक क्लब के बाहर हुई। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे देर रात इलाके में मौजूद थीं और चाय पी रही थीं। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन पर फब्तियां कसने लगे। महिलाओं का कहना है कि युवकों ने नस्लीय टिप्पणियां भी कीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। कुछ ही देर में वहां और लोग इकट्ठा हो गए और बहस मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान दोनों महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए और पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक महिला ने दावा किया कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई, जबकि दूसरी महिला ने बताया कि जब वे वहां से निकलने की कोशिश कर रही थीं तब उसे बांस जैसी किसी वस्तु से मारा गया। महिलाओं का कहना है कि पूरी घटना बेहद डरावनी थी और आरोपियों का व्यवहार आक्रामक था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया और नस्लीय टिप्पणी कर अपमानित किया गया।
PCR कॉल के बाद सक्रिय हुई पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस के मुताबिक, 10 मई की सुबह करीब सात बजे कालकाजी थाने में PCR कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया कि दो महिलाएं संकट में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इरोस होटल के पास स्थित एक चाय की दुकान के करीब दोनों महिलाएं मिलीं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए एम्स भेजा गया। पुलिस का कहना है कि दोनों महिलाओं ने आरोपियों को पहचानने की बात कही है।
CCTV फुटेज से संदिग्धों की पहचान
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की गई। जांच के आधार पर चार संदिग्धों की पहचान की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक करीब आठ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें कुछ गवाह और आसपास मौजूद लोग शामिल हैं। आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुई FIR
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने हमला, छेड़छाड़, पीछा करना, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और चोट पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में और कितने लोग शामिल थे।
सोशल मीडिया पर उठा गुस्सा
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिला। कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। खास तौर पर नस्लीय टिप्पणियों के आरोपों ने लोगों का ध्यान खींचा है। पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ भेदभाव और नस्लीय व्यवहार के मुद्दे पर भी बहस तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
नेहरू प्लेस जैसी व्यस्त जगह पर इस तरह की घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

Editorial Team
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