search

कर्नाटक: आंतों की बीमारी के बाद बन्नेरघट्टा ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 16

बेंगलुरु। बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में गुरुवार को 'सीकल टॉर्शन' बीमारी से पीड़ित होने के बाद शिवानी नाम की एक जिराफ की मौत हो गई।
  शिवानी तीन साल और दस महीने की मादा जिराफ थी। उसने कथित तौर पर पिछले तीन दिनों से खाना-पीना छोड़ दिया था। इस दौरान पशु चिकित्सकों की एक टीम उसका इलाज कर रही थी, लेकिन जिराफ को कोई लाभ नहीं हुआ।
  अधिकारियों ने बताया कि लगातार मेडिकल कोशिशों के बावजूद गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे शिवानी जिराफ की मौत हो गई। इस जिराफ को 2024 में मैसूर चिड़ियाघर से बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था।




  शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, जिराफ की मौत 'सीकल टॉर्शन' के कारण हुई, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंत का एक हिस्सा मुड़ जाता है।
  अधिकारियों ने बताया कि जिराफ के अंदरूनी अंगों के सैंपल ले लिए गए हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए 'इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड वेटरिनरी बायोलॉजिकल्स लैबोरेटरी' भेजा गया है।
  बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में हाल ही में जंगली जानवरों की मौतों में जुलाई 2025 में तीन बाघ के शावक, एक युवा जेब्रा, और कई तेंदुए शामिल हैं, जिससे जानवरों की सुरक्षा, बीमारियों, और प्रबंधन के तरीकों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।




  संक्रमण और कथित लापरवाही के कारण हुई कई मौतों ने कैद में रखे गए जानवरों की देखभाल के तरीकों की जांच शुरू करने पर मजबूर कर दिया है।
  जुलाई 2025 में, बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में तीन नवजात बाघ के शावकों की मौत हो गई थी, जिन्हें उनकी मां ने छोड़ दिया था।
  इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा और आलोचना भी हुई। यह घटना उसी समय हुई जब कुछ ही समय पहले, उसी पार्क में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक गर्भवती जेबरा की मौत की खबर आई थी।




  वन्यजीव कार्यकर्ता लापरवाही को इसका दोषी ठहरा रहे हैं, लेकिन चिड़ियाघर के अधिकारियों का कहना है कि पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों ने जानवर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया था।
  एक दुर्घटना के बाद 'कैप्चर मायोपैथी' के कारण तीन साल के एक जेबरा की मौत हो गई, जिसके चलते जून 2025 में एक जांच शुरू की गई। नवंबर 2025 में फेफड़ों के फेल होने से एक नर तेंदुए की मौत हो गई।
  इससे पहले, सितंबर 2023 में 'फेलिन पैनल्यूकोपेनिया वायरस' के कारण तेंदुए के सात बच्चों की मौत हो गई थी। 2023 में हिरणों के एक झुंड को दूसरी जगह ले जाने के बाद, बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण दो दिनों के अंदर 15 से ज्‍यादा हिरणों की मौत हो गई।




  बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क, जिसे बन्नेरघट्टा चिड़ियाघर के नाम से भी जाना जाता है, बेंगलुरु में स्थित एक प्राणी उद्यान है। यह शुरू में बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क के अंदर एक छोटा सा चिड़ियाघर और पिकनिक क्षेत्र था, जिसकी स्थापना 1974 में हुई थी।
  बायोलॉजिकल पार्क और नेशनल पार्क का बंटवारा 2002 में हुआ था। बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क कुल 731.88 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक चिड़ियाघर, सफारी पार्क, बटरफ्लाई पार्क और रेस्क्यू सेंटर शामिल हैं।






Deshbandhu











Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin55

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

12

Posts

1410K

Credits

administrator

Credits
144739