नई दिल्ली। चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्क्वाड और सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल में अब तक 510.10 करोड़ रुपए की नकदी, शराब और अन्य मुफ्त में बांटी जाने वाली वस्तुएं जब्त की हैं। यहां विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सोमवार तक राज्य में जब्त की गई वस्तुओं की कीमत 339 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार हो गई, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान आयोग और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई जब्ती से अधिक है।
15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से आयोग ने 30 करोड़ रुपए नकद, 126.85 करोड़ रुपए की शराब, 110.12 करोड़ रुपए की ड्रग्स, 58.28 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं और 184.85 करोड़ रुपए की अन्य मुफ्त वस्तुएं जब्त की हैं।
चुनाव आयोग की तरफ से बताया गया कि पूरे राज्य में 2,728 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमों को तैनात किया गया है, ताकि शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा किया जा सके।
फ्लाइंग स्क्वाड के अलावा 3,142 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें भी तैनात की गई हैं, जो विभिन्न स्थानों पर अचानक जांच कर रही हैं।
अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।आयोग ने 26 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक सीजर मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया था, ताकि आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
29 अप्रैल को 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान से पहले, चुनाव आयोग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। अब संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों के आसपास आने वाले रास्तों को सीसीटीवी निगरानी में लाया जाएगा।
पहले चरण में मतदान केंद्र के अंदर दो सीसीटीवी लगाए गए थे। एक मतदान कक्ष के अंदर और दूसरा बाहर लेकिन बाहर मतदाताओं को डराने-धमकाने की कुछ शिकायतें मिली थीं। इसलिए इस बार मतदान केंद्रों के बाहर और रास्तों पर भी सीसीटीवी लगाने का फैसला किया गया है।
सीसीटीवी की संख्या मतदान केंद्र की संवेदनशीलता के अनुसार तय की जाएगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

Deshbandhu
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