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लंबी शिफ्ट में भी फिट रहने का आसान तरीका ‘वा ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 77

नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी और लंबे ऑफिस घंटों के बीच कर्मचारियों को कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने से गर्दन, पीठ, कंधों और पैरों में दर्द के साथ-साथ तनाव और चिंता भी बढ़ रही है। ऐसे में आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया ‘वाई-ब्रेक’ कर्मचारियों के लिए एक आसान और असरदार समाधान साबित हो रहा है।
  भारत सरकार का आयुष मंत्रालय 'वाई-ब्रेक' के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। 'वाई-ब्रेक' एक छोटा लेकिन बहुत उपयोगी योग ब्रेक है, जिसे कर्मचारी अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही कर सकते हैं। इसके लिए कहीं जाने या खास जगह की जरूरत नहीं पड़ती। सिर्फ कुछ मिनट का यह ब्रेक दिनभर की थकान को दूर कर कर्मचारियों को तरोताजा और स्वस्थ रखने में मदद करता है। दिनभर एक ही मुद्रा में बैठे रहने से शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है, जिससे कमरदर्द, गर्दन में जकड़न, कंधों में दर्द और घुटनों की समस्या बढ़ने लगती है। 'वाई-ब्रेक' की आसान मूवमेंट्स इन समस्याओं को कम करती हैं और सही पॉश्चर बनाए रखने में सहायता करती हैं।




  आयुष मंत्रालय ने 'वाई-ब्रेक' की पूरी विधि और वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराए हैं। मंत्रालय का कहना है कि ऑफिस में काम करने वाले हर कर्मचारी को दिन में दो-तीन बार यह छोटा ब्रेक लेना चाहिए। नियमित रूप से 'वाई-ब्रेक' करने से कर्मचारियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है, कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनता है और उत्पादकता बढ़ती है।
  लगातार बैठे रहने से शरीर में चर्बी जमा होने लगती है, जो मोटापे का कारण बन सकती है। नियमित 'वाई-ब्रेक' से यह समस्या भी काफी हद तक नियंत्रित रहती है। इसके अलावा, 'वाई-ब्रेक' मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह तनाव, चिंता और मानसिक थकान को कम करता है। इससे कर्मचारियों की एकाग्रता बढ़ती है, कार्यक्षमता सुधरती है और वे ज्यादा उत्साह के साथ काम कर पाते हैं।




  'वाई-ब्रेक' में कुछ आसान योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल हैं। इनमें ताड़ासन (बैठे-बैठे शरीर को खींचना), कटिचक्रासन (कमर घुमाना), ग्रीवा संचालन (गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग) जैसे आसन शामिल हैं।
  एक्सपर्ट बताते हैं कि 'वाई-ब्रेक' कैसे करें? इसके लिए कुर्सी पर सीधे बैठें, पीठ को सीधा रखें और हाथों को घुटनों पर रखें। पेट को अंदर की ओर खींचें और फिर ढीला छोड़ें। गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाएं। पैरों को एक-दूसरे पर रखकर फैलाएं और गहरी सांस लें। नाड़ी शोधन प्राणायाम और सरल ध्यान भी इसमें शामिल किया जा सकता है। इन अभ्यासों से रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियों की जकड़न कम होती है और मन शांत रहता है।






Deshbandhu Desk




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