भोजपुर में बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में बिना मान्यता के संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय ने अवर विद्यालय निरीक्षक, आरा नगर एवं सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए कोई भी निजी विद्यालय संचालित नहीं किया जा सकता।
निदेशक प्राथमिक शिक्षा, बिहार के पत्र के आलोक में जारी निर्देश में कहा गया है कि बिहार राज्य बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के तहत निजी विद्यालयों को मान्यता लेना अनिवार्य है।
एक लाख रुपये तक का जुर्माना
यदि कोई संस्था बिना मान्यता के विद्यालय संचालन करती पाई जाती है तो अधिनियम की धारा 18(5) एवं 19(5) के तहत दोषी व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, निर्धारित तिथि के बाद भी विद्यालय संचालित रहने पर प्रत्येक दिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त दंड भी लगाया जा सकता है।
डीईओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने प्रखंड में बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की सूची एक सप्ताह के भीतर निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं।
अवैध रूप से चल रहे निजी स्कूलों में हड़कंप
स्पष्ट किया गया है कि नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख से जिले में अवैध रूप से चल रहे निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है।
अब देखना है कि कितने संस्थान समय रहते मान्यता प्रक्रिया पूरी करते हैं और कितनों पर जुर्माने व कार्रवाई की गाज गिरती है। मालूम हो कि जिले में केवल 493 स्कूलों के द्वारा प्रस्वीकृति ली गई है। इसके अलावा सैकड़ों ऐसे स्कूल है, जिन्होंने अभी तक शिक्षा विभाग से प्रस्वीकृति (मान्यता) नहीं ली है।  |