कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के एक मामले में सागर, देवेंद्र गौतम और अनमोल को बरी कर दिया। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, ईस्ट दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन आरोपियों के खिलाफ आरोपों को बिना किसी शक के साबित करने में नाकाम रहा।
पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप
एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह के सामने सागर, देवेंद्र गौतम और अनमोल के खिलाफ केस की सुनवाई चल रही थी। उन पर दंगा, आगजनी, डकैती और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। प्रॉसिक्यूशन ने दावा किया कि ये तीनों 25 फरवरी, 2020 को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सोनिया विहार पुलिस स्टेशन एरिया के मिलन गार्डन और आस-पास के इलाकों में हुई हिंसा के दौरान भीड़ का हिस्सा थे।
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं था, और इसलिए, उन्हें शक का फायदा दिया गया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि पूरा मामला सिर्फ वीडियो फुटेज पर आधारित था, जिसे कानूनी तौर पर सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे सबूत नहीं माना जा सकता। ऐसे में, आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
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