संवाद सूत्र, गोंडा। घाघरा नदी पर जर्जर हो चुके संजय सेतु के विकल्प के रूप में प्रस्तावित पीपा पुल निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। शासन से आठ करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीपा पुल निर्माण को हरी झंडी मिलते ही पीडब्ल्यूडी ने प्रयागराज से 206 पीपा मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पीपा पुल बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने माह भर का समय दिया है जबकि पीडब्ल्यूडी ने डेढ़ माह मांगा है। फिलहाल पीपा पुल जल्दी तैयार करने के लिए दिन-रात काम चलेगा।
देवीपाटन मंडल के चारों जिलो समेत समेत आठ जिलों की लाइफ लाइन कहा जाने वाले संजय सेतु जर्जर है। घाघरा नदी पर बने 42 वर्ष पुराने जर्जर सेतु की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने तैयारियां पूरी कर ली थी। ढाई करोड़ की लागत से संजय सेतु मरम्मत के लिए उसे दो माह बंद किया जाना था।
इसकी तैयारियां भी कर ली गई थी लेकिन, देवीपाटन मंडल समेत आठ जिलों के लोगों के आवागमन की परेशानी को देखते हुए मरम्मत पर रोक लगा दी गई। प्रदेश सरकार ने निर्देश दिया था कि संजय सेतु के विकल्प रूप के पीपा का पुल बनाया जाय, तब संजय सेतु की मरम्मत शुरू की जाए।
इसके लिए बहराइच लोक निर्माण विभाग ने 8.96 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन,यह फाइल शासन में अटक गई। करीब 500 मीटर लंबे डबल लेन पुल पर आठ करोड़ 96 लाख को व्यय को अधिक मानते हुए एनएचएआइ ने इस प्रस्ताव अस्वीकृति कर दिया। इसके बाद मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग बहराइच ने दोबारा प्रस्ताव तैयार किया, जो पहले से 70 लाख कम करीब आठ करोड़ 26 लाख रुपये की लागत का है।
इसे चार दिन पहले शासन को भेजा गया, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। हरी झंडी मिलने के बाद एनएचएआइ केंद्र सरकार से मिले आठ करोड़ 26 लाख पीडब्ल्यूडी बहराइच को देगा,जिसके बाद अधिशासी अभियंता अमर सिंह अपनी देखरेख में पीपा पुल बनवाएंगे।
दोबारा भेजे गए पीपा पुल के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। प्रयागराज से पीपा लाने के लिए आदेश दे दिया गया है। इस पुल के लिए दिन रात कार्य चलेगा। हर हाल में डेढ़ माह के भीतर तैयार कर लिया जाएगा।- अखिलेश कुमार दिवाकर, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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