सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, हरदोई। त्योहार पर सरसों तेल की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। अधिक मुनाफा कमाने के लालच में कुछ कारोबारी सरसों तेल में राइस ब्रान, सोयाबीन या पाम आयल समेत अन्य सस्ते खाद्य तेल मिलाकर शुद्ध सरसों तेल के नाम पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं, असली जैसा रंग और गंध देने के लिए केमिकल व कृत्रिम सुगंधित तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाजार में सरसों तेल की फुटकर कीमत 170 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस दौर में उपभोक्ता शुद्धता की गारंटी न होने से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। मिलावटखोर नकली या मिलावटी तेल बाजार में खपा रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
कुछ दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शुद्ध सरसों के तेल की कीमत अधिक है। कुछ लोग सस्ते खाद्य तेल की सरसों के तेल में मिलावट कर रहे हैं। मिलावटी सरसों तेल के नियमित सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, एलर्जी हो सकती है।
राइस ब्रान आयल या सस्ता पाम आयल की अधिक मात्रा और कृत्रिम रसायनों का उपयोग लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष तिवारी ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मिलावटी खाद्य पदार्थ मिलने पर सैंपल लेने की कार्रवाई की जाती है।
ऐसे करें पहचान
मिलावटखोर सरसों के तेल में सस्ते खाद्य तेल मिला देते हैं, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि तेल के पोषक तत्वों को भी कम कर देता है। यह मिलावट अक्सर रंगहीन या गंधहीन होती हैं। घर पर सरसों के तेल की शुद्धता की जांच करने का एक सबसे आसान तरीका पानी का परीक्षण करना है।
एक पारदर्शी गिलास या कटोरे में थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल लें और उसमें कुछ बूंदें पानी की डालें। यदि तेल शुद्ध है, तो वह अप्रभावित रहेगा और बिना पानी में घुले तैरता रहेगा। यदि तेल में सस्ते तेलों की मिलावट की जाती है, तो मिश्रण या तो धुंधला दिखाई देगा या तेल पानी के साथ घुलमिल जाएगा।
यह भी पढ़ें- हरदोई में छात्रा पर हमला करने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी सस्पेंड  |
|