तरी पहाड़पुर गांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र। (जागरण)
संवाद सूत्र, गिद्धौर(जमुई)। प्रखंड की कुंधुर पंचायत स्थित तरी पहाड़पुर गांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र (स्वास्थ्य एवं खुशहाली भवन) महीनों से बंद पड़ा है।
इस कारण पंचायत वासियों को बदलते मौसम में इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र बंद रहने से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को 12 किलोमीटर दूर गिद्धौर अस्पताल जाना पड़ता है, या फिर मजबूरन ग्रामीण चिकित्सकों के भरोसे इलाज कराना पड़ता है।
ग्रामीण हीरा यादव, मिथिलेश यदुवंशी, सचिन मंडल, पुरुषोत्तम कुमार, शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार मंडल, रीना रानी समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद केंद्र का ताला नहीं खुल सका है।
उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य कर्मी महीनों से अनुपस्थित हैं और विभाग सब कुछ जानकर भी अनजान बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सुविधा ठप रहने से उन्हें गिद्धौर या जमुई के निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च कर इलाज कराना पड़ रहा है।
27 लाख से बना भवन, पर सुविधा शून्य
बताया जाता है कि वर्ष 2024 में करीब 27 लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य एवं खुशहाली भवन का निर्माण कराया गया था। उपकेंद्र के शुरू होने से पंचायत वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्तमान में यह भवन बंद रहने से लोगों के लिए निराशा का कारण बना हुआ है।
गौरतलब है कि बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का पैतृक आवास भी कुंधुर पंचायत के नयागांव में स्थित है, जहां से तरी पहाड़पुर गांव की दूरी महज कुछ मिनटों की है। इसके बावजूद पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा का ठप रहना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
तरी पहाड़पुर में बने स्वास्थ्य एवं खुशहाली केंद्र के बंद रहने की सूचना मिली है। किसी भी हाल में स्वास्थ्य केंद्र को बंद नहीं रखा जाएगा। जांच कर अनुपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा। -
डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, गिद्धौर  |