पाकिस्तान के पंजाब में 8 महीनों में 670 एनकाउंटर, 900 से अधिक मौतें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एचआरसीपी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस मुठभेड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। यहां 8 महीने में 900 से अधिक संदिग्ध मारे गए। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी मारे गए।
ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के पंजाब में क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) की मुठभेड़ आधारित कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, एचआरसीपी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान की पंजाब पुलिस यूनिट, क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट, जिसे ऑर्गेनाइज्ड क्राइम से निपटने के लिए बनाया गया था। पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने फरवरी 2025 में CCD को मंजूरी दी थी।
CCD के गठन के बाद मुठभेड़ में इजाफा
अप्रैल 2025 से विभाग ने औपचारिक रूप से काम शुरू किया। गठन के तुरंत बाद प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। एचआरसीपी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब में क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट द्वारा की गई 8 महीनों में 670 मुठभेड़ों में 924 मौतें हुई हैं। इस दौरान 2 पुलिसकर्मी भी मारे गए और 36 घायल हुए।
सीसीडी के गठन के बाद मुठभेड़ में हुई वृद्धि पर एचआरसीपी ने चिंता जाहिर की है और इसे ‘सांख्यिकीय रूप से असामान्य’ बताते हुए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
किन आरोपों में सबसे ज्यादा मुठभेड़?
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा मुठभेड़ डकैती के आरोपितों के खिलाफ दर्ज हुईं। इसके बाद लूट, हत्या और नारकोटिक्स से जुड़े मामलों मुठभेड़ हुई। हत्याओं की सबसे अधिक संख्या लाहौर में हुई, जहां 139 मुठभेड़ें हुईं, उसके बाद फैसलाबाद में 55 और शेखूपुरा में 47 मुठभेड़ें हुईं।
दोगुनी हुई संख्या
एचआरसीपी की 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में पूरे साल के दौरान न पंजाब और सिंध में मिलाकर मुठभेड़ों में मारे गए संदिग्धों की संख्या 341 दर्ज की गई थी। वहीं, सीसीडी के गठन के बाद एक ही प्रांत से आठ महीने से भी कम समय में इस संख्या को दोगुने से भी अधिक कर दिया।  |