search

कानपुर फर्जी डिग्री गिरोह: सरगना के खाते में मिले सात करोड़ के लेनदेन, एसआईटी जांच तेज

deltin33 4 hour(s) ago views 354
  

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



जागरण संवाददाता, कानपुर। फर्जी मार्कशीट-डिग्री बनाकर बेचने के मामले में एसआइटी को गिरोह के सरगना शैलेंद्र कुमार की शैल ग्रुप और एजुकेशन फर्म के नाम से खुले बैंक खाते में चार साल में सात करोड़ के ट्रांजेक्शन मिले हैं। अभी चार और बैंकों की जानकारी मांगी गई है।

वहीं, एसआइटी को जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद फिरोजाबाद से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बताया गया कि वहां के कुलपति फर्जी डिग्री मनाने में जेल भी जा चुके हैं। जबकि लिंग्या विश्वविद्यालय फरीदाबाद और मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ के प्रबंधन ने एसआइटी के पास बरामद डिग्रियों के अपने विश्वविद्यालय की न होने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इन छात्रों का उनके यहां प्रवेश ही नहीं है। अभी एसआइटी अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ के विश्वविद्यालयों की डिग्रियां व मार्कशीट की जांच कर रही है।

किदवई नगर थाना पुलिस ने फर्जी डिग्री-मार्कशीट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसमें सरगना रायबरेली निवासी शैलेंद्र कुमार, कौशांबी के नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जाेगेंद्र व शुक्लागंज के अश्वनी कुमार को 19 फरवरी को जेल भेजा था, जबकि पांच आरोपित फरार हैं। पुलिस ने इनके पास से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों के नामी विश्वविद्यालय के 1000 से ज्यादा डिग्री और मार्कशीट बरामद की थी।

मामले की जांच अब एसआइटी की नौ टीमें कर रही है। अपर पुलिस आयुक्त(जेसीपी) अपराध एवं मुख्यालय संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआइटी की टीमें मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़, जामिया उर्दू अलीगढ़, लिंग्या विश्वविद्यालय फरीदाबाद, ग्लोकल विश्वविद्यालय सहारनपुर, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद फिरोजाबाद पहुंची थी। जांच के दौरान तीन विश्वविद्यालय से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जेसीपी ने बताया कि जो भी डिग्री-मार्कशीट बरामद हुई हैं, वह कोर्ट सील है, लेकिन उसके रोल नंबर समेत डिटेल के जरिए अन्य डिग्रियां व मार्कशीट के सत्यापन कराने का प्रयास कर रही है।

यह भी पढ़ें- बिकरू कांड हथियार खरीद मामले में हाईकोर्ट सख्त, पुलिस आयुक्त और डीजीसी तलब

आरोपितों के पास से इन विश्वविद्यालय की मिली थी फर्जी डिग्रियां
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, लिंग्या विश्वविद्यालय फरीदाबाद, मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद फिरोजाबाद, एशियन विश्वविद्यालय मणिपुर, ग्लोकल विश्वविद्यालय सहारनपुर, सिक्किम प्रोफेशनल विश्वविद्यालय सिक्किम, प्रज्ञान इंटरनेशनल विश्वविद्यालय झारखंड, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, हिमालयन विश्वविद्यालय ईटानगर, हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, श्री कृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर, मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़, जामिया उर्दू अलीगढ़ की डिग्रियां व मार्कशीट मिली हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की भी मार्कशीट बरामद हुई थीं।   
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477070