कुलगुरु के बयान के बाद जेएनयू में छात्रों ने किया था विरोध। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेएनयू में रविवार देर रात शुरू हुआ विरोध सोमवार तक जारी रहा। इस बीच कुलगुरु शांतिश्री डी पंडित की जातिसूचक बयान को लेकर मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, कुलगुरु के खिलाफ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) में दो शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ताओं में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय और ‘मिशन आंबेडकर’ के संस्थापक सूरज कुमार बौद्ध शामिल हैं।
आरोप है कि 16 फरवरी को एक पाॅडकास्ट इंटरव्यू में कुलगुरु ने छात्र आंदोलनों, यूजीसी के इक्विटी नियमों और वामपंथी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दलित समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
धनंजय ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह बयान दलित और हाशिए के समुदायों के छात्रों के प्रति घृणा और दुर्भावना को बढ़ावा देता है तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि बयान के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण और छात्रों के लिए प्रतिकूल हो गया है।
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