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शिमला में पांच घंटे तक हिरासत में रही दिल्ली पुलिस, किडनैपिंग का केस दर्ज; क्यों भिड़े दोनों राज्यों के अफसर?

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कैप्शन:  दिल्ली और शिमला के पुलिस अधिकारी शिमला में बातचीत करते हुए (पीटीआई)



जागरण टीम, शिमला। रोहड़ू से युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिमाचल पुलिस को सूचित किए बिना गिरफ्तार करने पर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस ने इसे जहां केंद्र की सरकार की गुंडागर्दी बताया है, वहीं भाजपा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधकर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह शांत हिमाचल को अशांत करने की कोशिश ने करे।

उन्होंने कहा कि हिमाचल पर्यटक स्थल है और यहां आने वाले हमारे अतिथियों का अपमान सहन नहीं किया जा सकता। विनय कुमार ने यहां जारी बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस का रोहड़ू से तीन युवा कांग्रेस नेताओं को गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाने के प्रयास को गंभीर मामला बताया है।
\“उदय भानु चिब की गिरफ्तारी अलोकतांत्रिक\“

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गुंडागर्दी हिमाचल सहन नहीं करेगा। उन्होंने प्रदेश पुलिस द्वारा युवा कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस से छुड़ाने की सराहना की। विनय कुमार ने अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों पर किया गया सीधा और सोचा-समझा हमला बताया है।

वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि दिल्ली में युवा कांग्रेस द्वारा किए प्रदर्शन को मुद्दा बनाकर युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि बिना वारंट हिमाचल सदन में रेड करने वाली दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

शिमला में पत्रकारों से बातचीत में राठौर ने कहा कि समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका के साथ हुई डील और उससे किसानों व युवाओं के हित पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करवाया था।
दिल्ली पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज करवाना देश विरोधी गतिविधि है। उन्होंने दिल्ली समिट में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित रोबोट के मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हिमाचल सरकार से मांग की कि दिल्ली पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्यों हुआ इतना विवाद?

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन करने वाले तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने पर बुधवार को हिमाचल व दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस की ओर से हिमाचल पुलिस को सूचित न कर गोपनीय तरीके से कार्रवाई करने पर टकराव हुआ।

इसके बाद हिमाचल पुलिस के अधिकारी ने जिला न्यायालय के कोर्ट नंबर दो में याचिका दायर की। कोर्ट में सुनवाई के बाद अब दिल्ली पुलिस प्रक्रिया को पूरी कर रही है। अगली सुनवाई वीरवार को होगी। वहीं देर शाम 8:11 मिनट पर शिमला जिले के चिड़गांव थाना में दिल्ली पुलिस की टीम के विरुद्ध शिमला पुलिस ने एफआइआर दर्ज करवाई है। तीनों आरोपित अन्य राज्यों के हैं। देश की दी पुलिस टीमें आमने-सामने खड़ी दिखीं तो यह घटनाक्रम प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
13 सदस्यीय टीम पहुंची नामो रिजार्ट

दिल्ली पुलिस की 13 सदस्यीय टीम छह गाड़ियों में बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे रोहडू स्थित नामो रिजार्ट पहुंची। यहाँ पर विना स्थानीय पुलिस को औपचारिक सूचना दिए तीन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही इसकी सूचना शिमला पुलिस को मिली, पुलिस ने शहर व आसपास के इलाकों में नाके लगा दिए और दिल्ली पुलिस को रोक दिया। शिमला पुलिस ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अंतरराज्यीय कार्रवाई में स्थानीय पुलिस को जानकारी देना और समन्वय आवश्यक होता है। मामला बढ़ने पर बालूगंज थाना पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मामला कोर्ट पहुंच गया है।

यह भी पढ़ें- शिमला में दिल्ली पुलिस टीम पर FIR दर्ज, AI समिट में प्रदर्शन करने वाले 3 कांग्रेसियों को पकड़ने के बाद क्यों बढ़ा विवाद?

  

    
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