बगहा हत्याकांड केस के सभी आरोपी बरी। फोटो एआई जनरेटेड
जागरण संवाददाता, बगहा। जिला अपर सत्र एवं न्यायाधीश तृतीय आशीष कुमार मिश्र द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को लौकरिया थाना कांड संख्या 23/14 से जुड़े चर्चित हत्या मामले में आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
वर्ष 2014 में दर्ज इस मामले की सुनवाई सत्र विचारण संख्या 614/18 के तहत चल रही थी। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा गवाहों के बयान का गहन अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया। इस मामले में एक अभियुक्त मनोज केवट का विचारण अलग से चल रहा है।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा और अभियोजन की दलीलों पर सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
लौकरिया थाना क्षेत्र के पटहेरवा बाजार निवासी श्याम बदन केवट ने 17 मार्च 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसी दिन शाम में हीरा केवट को मुनीब केवट, मनोज केवट, गोविंद केवट, दुर्गावती देवी, रीना देवी, अनिता कुमारी, मुन्नी देवी सहित अन्य लोगों ने हीरा केवट को लाठी-डंडे से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाह अदालत में प्रस्तुत किए गए, लेकिन उनके बयान आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके। सुनवाई के दौरान घटना से संबंधित कोई ठोस एवं प्रत्यक्ष साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पर्याप्त प्रमाण के अभाव में आरोप सिद्ध नहीं होने पर सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
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