स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर वाराणसी कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम को सौंपा ज्ञापन।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी ने बुधवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
राजीव भवन, चेतगंज स्थित पार्टी कार्यालय से जारी बयान में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे (एड.) ने आरोप लगाया कि अमावस्या के अवसर पर पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और थाने ले जाकर उन्हें प्रताड़ित किया। चौबे ने यह भी कहा कि एक कथित षड्यंत्र के तहत शंकराचार्य और स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत अन्य के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शंखनाद कर सरकार को चेतावनी भी दी।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि एफआईआर दर्ज कराने वालों की पृष्ठभूमि की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच से ही सत्य सामने आएगा और धार्मिक परंपराओं की गरिमा सुरक्षित रह पाएगी। ज्ञापन पर राजेश्वर सिंह पटेल, फरासत हुसैन बाबू और राघवेंद्र चौबे के हस्ताक्षर हैं।
इस प्रदर्शन के दौरान जिला अधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, बाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता डीएम कार्यालय तक पहुंचे और ज्ञापन सौंप दिया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रकार के घटनाक्रम से समाज में अस्थिरता पैदा होती है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कांग्रेस का यह प्रदर्शन वाराणसी में राजनीतिक हलचल को बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है।  |
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