शिक्षक संघ ने सरकार से विभिन्न मांगें उठाई हैं। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण टीम, शिमला। स्कूल शिक्षा निदेशालय सभी शिक्षक वर्गों की लंबित पदोन्नति सूचियां पंचायती राज चुनाव आचार संहिता से पहले जारी करे और अनुबंध कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण भी सुनिश्चित करे। राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार को प्रेषित ज्ञापन में मांगें उठाई हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष विजय बरवाल और महासचिव विजय हीर सहित पूरी राज्य और जिला कार्यकारिणी ने शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया सीबीएसई प्रतिनियुक्ति परीक्षा से पहले निपटाने का अनुरोध किया है, ताकि शिक्षक उस पद के लिए आवेदन कर सकें, जिस पर वर्तमान में प्रमोशन लंबित होने के चलते अप्लाई ही नहीं कर पा रहे हैं।
749 टीजीटी को प्रवक्ता पदोन्नति की प्रतीक्षा
वर्तमान में शिक्षा विभाग में 749 टीजीटी को प्रवक्ता पदोन्नति की प्रतीक्षा है, क्योंकि अनेकों शिक्षक इसमें विलंब के कारण टीजीटी पद पर ही रिटायर हो रहे हैं। टीजीटी और प्रमोटी प्रवक्ता से हेडमास्टर के 600 पदों पर पदोन्नति भी अप्रैल तक होना आपेक्षित है।
प्रमोट प्रिंसिपल को नहीं मिले स्टेशन
779 प्रमोट प्रिंसिपल को भी स्टेशन अप्रैल तक देने का निर्णय शिक्षा विभाग ने किया था और ये 512 हेडमास्टर और 267 प्रवक्ता फिलहाल अपने स्कूलों में ही कार्यरत हैं, जिनको प्रिंसिपल का पदनाम मिला, मगर प्रिंसिपल की कुर्सी नहीं मिली। अनेकों हेडमास्टर और प्रवक्ता इस व्यवस्था के कारण 31मार्च 2026 को रिटायर हो जाएंगे, जिनको अगर समय रहते स्टेशन नहीं मिला तो एक दिन भी प्रधानाचार्य की कुर्सी नसीब नहीं होगी।
सैकड़ों शिक्षक एक साथ होंगे रिटायर
इस सत्र में सेवा विस्तार वाले सैकड़ों शिक्षक भी एक साथ 31 मार्च को रिटायर होंगे। ऐसे में लंबित पदोन्नतियां और स्टेशन देने की प्रक्रिया मार्च 2026 में ही शुरू की जाए। यह मांग राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार को प्रेषित ज्ञापन में उठाई है।
एकमुश्त प्रमोशन दी जाए
इसके अलावा 2 साल से लंबित सी एंड वी से टीजीटी और जेबीटी से टीजीटी के सारे पैनल को एकमुश्त प्रमोशन दी जाए। इसमें दिव्यांग कोटे की डीपीसी हो चुकी है और स्टेशन देना बाकी है। इसके बाद 15 फरवरी 2025 तक पैनल में प्रमोशन हेतु पात्र शिक्षकों के दावे लिए जा चुके हैं और वरिष्ठता के ताज़ा नियमों के अनुसार समीक्षा करते हुए यह लंबित प्रमोशन सूचियां 15 मार्च 2025 तक जारी कर दी जाएं।
इसके अलावा हजारों अनुबंध शिक्षकों के नियमितीकरण हेतु डाटा एकत्रण तत्काल शुरू किया जाए और आचार संहिता से पहले सभी पात्र अनुबंध शिक्षक नियमित किए जाएं।
यह भी पढ़ें: हिमाचल सदन में दिल्ली पुलिस की रेड पर CM सुक्खू ने उठाए सवाल, RDG पर दिया बड़ा बयान, ...तो मिल सकती है ग्रांट?
 |
|