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कानपुर के पनकी में जहरीले धुएं से सांस लेना मुश्किल, स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

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पनकी में जहरीला धुंआ। जागरण  



जागरण संवाददाता, कानपुर। पनकी धाम स्टेशन समेत 6 से 7 किलोमीटर परिधि से अधिक आसपास क्षेत्र में जहरीला धुंआ बुधवार सुबह 6 बजे से 7:45 तक छाया रहने से शहरवासियों समेत आम राहगीरो पैदल वाइक सवारों को सांस लेने में दिक्कत हुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्री काफी परेशान दिखे। लोगो का कहना है कि यही हालत मंगलवार को रही बताया जाता है कि पनकी हाइवे की तरफ कूड़ा जलाया जाता है जिसका प्रदूषण छाया रहता है।

पनकी और आसपास के क्षेत्रों में दो दिनों सुबह के समय कूड़ा व प्लास्टिक जलाने के कारण जहरीला धुआं छाया रहता है, जिससे गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगो के लिए सांस लेने में कठिनाई का कारण बन रहा है, साथ ही पनकी पावर प्लांट की चिमनियों से भी निकलने वाली राख भी प्रदूषण में इजाफा कर रही है।

कूड़ा-करकट प्रदूषण रोकने के लिए आधुनिक डिवाइसेज जैसे स्मार्ट मोशन सेंसर बिन जो बिना छुए खुलते हैं और कचरा कंपोस्ट मशीन का प्रयोग अनिवार्य होना चाहिए। कचरा प्रबंधन के लिए एआई-आधारित रोबोट्स कचरा पकड़ने वाले जाले और कम्पोस्ट मशीनें प्रदूषण कम करने में कारगर हैं।

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सड़कों के किनारे कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और वेस्ट मटेरियल का खुलेआम जलाया जाता। सुबह के समय पूरे क्षेत्र में घने धुएं की तरह चादर छा जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी और आंखों में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं।कूड़ा जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा की गुणवत्ता को खराब श्रेणी में डाल रहा है, जिसे स्थानीय प्रशासन की लापरवाही माना जा रहा है।

पनकी पावर प्लांट के आस-पास राख और काले धुएं के कारण रतनपुर , शताब्दीनगर,पनकी,एलिडिको,गंभीरपुर,कपिली आदि क्षेत्र में समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कूड़ा जलाना स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक है, इससे बचना चाहिए।   
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