डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस की एक खुफिया एजेंसी ने मंगलवार को यह दावा किया कि ब्रिटेन और फ्रांस गोपनीय तरीके से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे हैं। रूसी विदेश खुफिया सेवा ने यह दावा ऐसे समय किया, जब यूक्रेन पर रूस के हमले को चार साल पूरे हो गए हैं और यह युद्ध पांचवें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इधर, रूसी हमले की चौथी बरसी पर यूक्रेन के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए कई यूरोपीय नेता मंगलवार को कीव पहुंचे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि चार वर्षों के युद्ध के बावजूद पुतिन उनके देश को तोड़ नहीं पाए। जबकि रूस ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि रूस ने 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर हमला किया था और तब से युद्ध जारी है। हालांकि इस बीच अमेरिका की मध्यस्थता से युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
एपी के अनुसार, जेलेंस्की ने इंटरनेट पर एक पोस्ट में कहा कि उनके देश ने रूस की बड़ी और बेहतर सुसज्जित सेना के हमले का सामना किया है, जिसने पिछले एक साल में यूक्रेन के केवल 0.79 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा किया। उन्होंने कहा, \“हमने अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की है। हमने देश का अपना दर्जा नहीं खोया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाए हैं। वह यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाए।
उन्होंने यह युद्ध नहीं जीता है।\“ इस बीच, यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन समेत कई यूरोपीय देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कीव पहुंचे। जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, \“हम यूक्रेन के साथ हैं और रहेंगे।\“ इधर, रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में अभी तक अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए हैं, लेकिन रूसी अभियान जारी रहेगा और रूसी हितों की रक्षा की जाएगी।
कूटनीतिक प्रयास नहीं ला रहे रंग
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे बड़े युद्ध को समाप्त कराने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में किए जा रहे कूटनीतिक प्रयास फिहलाल किसी समझौते तक पहुंचते नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता से जेनेवा में यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जबकि इस महीने की शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच अबू धाबी में भी वार्ता हुई थी।
युद्ध में अब तक इतनी हुई जनहानि
सेंटर फार स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की पिछले महीने आई रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि दोनों तरफ के सैनिकों की मौत, घायल या लापता होने की संख्या 20 लाख से ज्यादा हो सकती है। जबकि मंगलवार को कई मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया कि चार वर्ष के युद्ध में करीब दो लाख रूसी सैनिकों की जान गई है। हालांकि न तो मास्को और न ही कीव ने सैन्य नुकसान पर कोई डाटा साझा किया है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर बताने की कोशिश करते हैं। रूस ने सार्वजनिक रूप से केवल छह हजार सैनिकों के मारे जाने की बात मानी है।  |
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