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फर्जी RTO चालान स्कैम में बुजुर्ग से ठगे 2.50 लाख, साइबर सेल की सतर्कता ने नकाम की फ्रॉड

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फर्जी RTO चालान स्कैम में बुजुर्ग से ठगे 2.50 लाख



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओशिवारा पुलिस स्टेशन के साइबर सेल ने एक त्वरित गोल्डन ऑवर ऑपरेशन के तहत 71 वर्षीय बुजुर्ग के साथ हुई ₹2.50 लाख की धोखाधड़ी को नाकाम कर दिया। फर्जी आरटीओ (RTO) ई-चालान संदेश के जरिए ठगे गए इस बुजुर्ग की पूरी जमा पूंजी पुलिस की तत्परता से वापस मिल गई।

कैसे हुई धोखाधड़ी?

अंधेरी वेस्ट के ओशिवारा निवासी अशोक ढिंगराणी (71) को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला। इसमें दावा किया गया था कि उनके वाहन पर ₹2,000 का आरटीओ चालान दंड लगाया गया है। संदेश में भुगतान के लिए एक लिंक भी दिया गया था। इसे असली मानकर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया और वाहन का डिटेल्स, HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड जानकारी भर दी।

कुछ ही मिनटों के भीतर, उनके पास क्रेडिट कार्ड से ₹2.50 लाख कटने का अलर्ट आया। ठगी का अहसास होते ही ढिंगराणी तुरंत ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण के मार्गदर्शन में, साइबर सेल टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की। जिसमें पीएसआई शरद देवरे, एएसआई अशोक कोंडे और पीसी विक्रम सरनोबत शामिल थे। उन्होंने सबसे पहले नीचे दी गई कदम उठाई, ताकि पैसे को ब्लॉक किया जाए।

  • नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज की गई।
  • HDFC बैंक के अलर्ट से लेनदेन के विवरण का विश्लेषण किया गया।
  • धोखाधड़ी की राशि का पीछा क्रोमा (Croma) तक किया गया।
  • HDFC बैंक और क्रोमा के नोडल अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय किया गया।
  • महत्वपूर्ण गोल्डन ऑवर के भीतर पूरी ₹2.50 लाख की राशि को \“होल्ड\“ पर डाल दिया गया।


इन प्रयासों के बाद बुजुर्ग को पूरी राशि सफलतापूर्वक शिकायतकर्ता को वापस मिल गई। पुलिस ने नागरिकों को व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए प्रसारित होने वाले फर्जी आरटीओ चालान संदेशों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी:

  • अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • संदिग्ध एपीके (APK) फाइलें या भुगतान लिंक कभी न खोलें।
  • ऐसे लिंक आपके मोबाइल फोन को हैक कर सकते हैं।
  • जालसाज आपके डिवाइस और बैंकिंग विवरणों तक पूर्ण पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।
  • आपकी जानकारी के बिना आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
  • स्कैमर्स आपके नंबर से आपके सभी संपर्कों को धोखाधड़ी वाले संदेश भी भेज सकते हैं।


ओशिवारा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि नागरिकों को किसी भी ट्रैफिक चालान की पुष्टि सीधे आधिकारिक सरकारी पोर्टल के माध्यम से करनी चाहिए और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में जमीन धोखाधड़ी, बाउंस चेक से नामांतरण, नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप   
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