तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। आजमगढ़ के मेंहनगर स्थित मां शारदा इंटर कालेज सिंहपुर सरैया में 20 फरवरी शुक्रवार को 12 मार्च को होने वाली यूपी बोर्ड की संस्कृत विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र को 20 दिन पहले ही खोल दिया गया। साथ ही परीक्षार्थियों को अनुपस्थित दर्शाते हुए रिपोर्ट भी भेज दी गई।
मामले में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) मनोज कुमार की तहरीर पर सोमवार को लापरवाही बरतने व पेपर खोलने के आरोप में स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ तरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विद्यालय पर तरवा राजकीय चिकित्सालय के फर्मासिस्ट चंद्रभूषण को स्टेटिक मजिस्ट्रेट, मां शारदा इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक निवास यादव और सीबी इंटरकॉलेज तवरा के सहायक अध्यापक रविंद्र मिश्र को बाह्य केंद्र निरीक्षक के रूप में तैनात किया गया था।
शुक्रवार 20 फरवरी को मां शारदा इंटर कालेज सिंहपुर सरैया में प्रथम पाली में हाई स्कूल की सामाजिक विज्ञान की और इंटर की एग्रोनामी की परीक्षा थी। इस दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और बाह्य कक्ष निरीक्षक ने बिना जांच किए 12 मार्च 2026 को होने वाली संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र को खोल दिया।
हालांकि प्रश्नपत्र किसी परीक्षार्थी को वितरित नहीं किया गया। बाद में प्रश्नपत्र को सील कर दिया गया। आश्चर्य की बात यह कि प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने भी उसी समय विद्यालय का निरीक्षण कर सकुशल परीक्षा संपन्न कराने का रजिस्टर में हस्ताक्षर भी कर दिया। मामले में संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर और अपर सचिव वाराणसी डा. विनोद राय ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था।
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अब 12 मार्च को होने वाली संस्कृत विषय परीक्षा आजमगढ़ सहित अन्य जनपद में रिजर्व सेट से होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि पिछले वर्ष भी बोर्ड परीक्षा के दौरान आजमगढ़ में गलती से सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र खुलने की वजह से प्रदेश के 11 जनपदों में रिजर्व सेट से पेपर कराया गया था। संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने बताया कि केंद्र को आजीवन डिबार (रोक) करने का निर्देश दिया गया है।  |