राबड़ी आवास में ही रहेगा लालू परिवार? - फोटो : social media
डिजिटल डेस्क, पटना। Rabri Devi को 39, हार्डिंग रोड का बंगला अलॉट किए जाने का लेटर जैसे ही बाहर आया, बिहार की राजनीति गरमा गई। भवन निर्माण विभाग ने आदेश जारी किया कि नेता प्रतिपक्ष के नाते उन्हें नया आवास दिया जाता है। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि 20 साल से ज्यादा समय से रह रहा 10 सर्कुलर रोड अब खाली होगा। बीजेपी नेताओं की ओर से भी इस पर बयानबाजी तेज हो गई। हालांकि 90 दिन गुजरने के बाद भी स्थिति जस की तस है। राबड़ी देवी अब भी 10 सर्कुलर रोड में ही रह रही हैं।
10 सर्कुलर रोड: लालू परिवार का ठिकाना
यह वही बंगला है जो वर्षों से Lalu Prasad Yadav परिवार का राजनीतिक और निजी केंद्र रहा है। राजद के कई बड़े फैसले इसी आवास से तय हुए।
पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह प्रतीकात्मक महत्व रखता है। इसी वजह से इसे खाली कराने की चर्चा ने सियासी रंग ले लिया। विपक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया। लेकिन सरकार की ओर से कोई सख्त नोटिस जारी नहीं हुआ।
भाजपा नेता के दबाव की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में ताकत मिलने के बाद भाजपा के एक बड़े मंत्री ने इस आवास को खाली कराने की पहल की। बताया जाता है कि एक वरिष्ठ अफसर को इस दिशा में निर्देश भी दिए गए।
भवन निर्माण विभाग जदयू कोटे के मंत्री के पास है, जिन्हें मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है। अफसरों ने आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन खाली कराने का स्पष्ट नोटिस नहीं दिया।
न ही 10 सर्कुलर रोड को किसी और को आवंटित किया गया। यहीं से संकेत मिला कि मामला पूरी तरह राजनीतिक नहीं, बल्कि संतुलन साधने की कोशिश है।
मीडिया में खबर के बाद एक्टिव हुए नीतीश
Nitish Kumar को शुरुआत में इस आदेश की जानकारी नहीं थी, ऐसी चर्चा है। मीडिया में खबर चलने के बाद उन्होंने अफसरों से पूरी जानकारी ली।
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने मामले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया। साथ ही विभागीय हस्तक्षेप पर नाराजगी भी जताई। कहा जाता है कि भाजपा नेता को भी भविष्य में दखल न देने की हिदायत दी गई। इसके बाद से मामला पूरी तरह शांत हो गया।
39 हार्डिंग रोड: कैसा है नया बंगला?
39, हार्डिंग रोड का बंगला दो मंजिला है। ऊपर और नीचे तीन-तीन बड़े बेडरूम, ड्राइंग, डाइनिंग और बड़ा हॉल है। अलग से स्टाफ क्वार्टर और सुरक्षा गार्ड के लिए जगह बनी है।
विशाल गार्डन में नीम, पीपल, अमलतास और गुलमोहर जैसे पेड़ हैं। फ्रंट लॉन और मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त स्पेस है। मरम्मत और रंग-रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है।
क्यों मुश्किल है शिफ्ट होना?
जानकारों का कहना है कि यह बंगला एक छोटे परिवार के लिए पर्याप्त है। लेकिन अगर पूरा लालू परिवार साथ रहे तो जगह कम पड़ सकती है। राबड़ी देवी और लालू यादव के रहने के लिए यह पर्याप्त बताया जा रहा है।
हालांकि बेटों-बेटियों और उनके बच्चों के साथ रहना चुनौतीपूर्ण होगा। राजनीतिक रूप से भी 10 सर्कुलर रोड छोड़ना प्रतीकात्मक बदलाव माना जाएगा। इसी कारण फिलहाल शिफ्टिंग की संभावना कम दिख रही है।
आवास आवंटन का नियम क्या कहता है?
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के आधार पर राबड़ी देवी को नया आवास मिला। मंत्रियों और विधायकों को उनकी श्रेणी के अनुसार बंगला आवंटित होता है। अब क्षेत्रवार आवास पहले से तय किए जा रहे हैं।
किसी सीट से चुने गए प्रतिनिधि को निर्धारित मकान ही मिलेगा। सरकारी नियमों के तहत बदलाव संभव है, लेकिन राजनीतिक सहमति अहम होती है। फिलहाल संकेत यही हैं कि 10 सर्कुलर रोड खाली कराने का प्लान ठंडा पड़ चुका है।  |