क्यूआर कोड से होगी बीजों की पहचान।
संवाद सूत्र, अमेठी। किसानों को नकली बीज से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब सरकारी और निजी कंपनियों की ओर से बेचे जाने वाले बीजों की प्रत्येक थैली पर क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही किसान बीज की असलियत की तत्काल जांच कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार कई बार किसान अनजाने में नकली या निम्न गुणवत्ता वाले बीज खरीद लेते हैं, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है और आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की है।
इसके तहत सभी पंजीकृत बीज कंपनियों का पूरा विवरण एक केंद्रीकृत पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। उसी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रत्येक बैच का अलग-अलग क्यूआर कोड तैयार किया जाएगा।
किसान अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करते ही बीज की उत्पादन एजेंसी, बैच नंबर, उत्पादन तिथि, वैधता अवधि और संबंधित कंपनी की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोड स्कैन करने पर कोई विवरण प्रदर्शित नहीं होता है या जानकारी संदिग्ध लगती है, तो किसान तुरंत इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही बीज कारोबार में जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। साथ ही नकली बीज बेचने वालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि बीज खरीदते समय थैली पर अंकित क्यूआर कोड अवश्य जांचें और प्रमाणित विक्रेताओं से ही खरीदारी करें, ताकि बेहतर उत्पादन और सुरक्षित खेती सुनिश्चित हो सके।
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