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रात में इस तरह दिखाई देती है साइबर सिटी। जागरण
आदित्य राज, गुरुग्राम। पिछले ढाई से तीन साल में साइबर सिटी के रियल एस्टेट सेक्टर की तस्वीर बदल चुकी है। लक्जरी फाॅर्म हाउसों में रहने वाले अब अल्ट्रा लक्जरी फ्लैटों में रहना पसंद करने लगे हैं। इससे अल्ट्रा लक्जरी फ्लैटों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ढाई से तीन साल के दौरान 10 हजार से अधिक लक्जरी फ्लैटों की बुकिंग से 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार रियल एस्टेट की कंपनियां कर चुकी हैं। स्थिति यह है कि मांग के मुताबिक कंपनियों के पास न लक्जरी फ्लैट हैं और न ही फिलहाल प्रोजेक्ट्स। बताया जाता है कि वर्तमान में 10 से 15 हजार लक्जरी फ्लैट की मांग बनी हुई है।
समाज का अहसास
दरअसल, जिनके पास काफी पैसे हैं या जो बेहतर लाइफ स्टाइल चाहते हैं, वे कुछ साल पहले तक फार्म हाउसों में रहना पसंद करते थे। इस वजह से पूरे एनसीआर में फाॅर्म हाउसों में रहने का कल्चर बढ़ रहा है। खासकर, दिल्ली एवं गुरुग्राम में फाॅर्म हाउसों का कल्चर बढ़ रहा है।
अधिकतर कारोबारियों के बच्चे कारोबार की वजह से विदेश चले जाते हैं या फिर देश के अन्य इलाकों में रहने लगते हैं। इससे कारोबारी एकांकी जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। फार्म हाउसों से बाहर निकलने के बाद ही उन्हें समाज का अहसास होता है।
फाइव स्टार होटलों से भी बेहतर सुविधा
सबसे बड़ी बात है कि फार्म हाउसों में रहने वाले लोगों काे खुद ही बिजली, पानी, सुरक्षा सहित पूरी जिम्मेदारी संभालनी होती है। इस स्थिति ने अल्ट्रा लक्जरी फ्लैटों (इस तरह के फ्लैट को अपार्टमेंट भी कहते हैं) के प्रति आकर्षित कर दिया है।
रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी डीएलएफ द्वारा विकसित लक्जरी सोसायटी मैगनोलियाज, अरालियाज एवं कैमेलियाज की सुविधाओं ने सबसे अधिक आकर्षित किया है। इन सोसायटियों में फाइव स्टार होटलों से भी बेहतर सुविधा है।
फाॅर्म हाउसों की तरह हरियाली है व अन्य सुविधाएं हैं। सुरक्षा इतनी मजबूत कि जब तक फ्लैट मालिक की सहमति न हो तब तक सोसायटी के काेई मुख्य गेट से भी अंदर नहीं आ सकता।
साइबर सिटी जैसा माहौल देश में कहीं नहीं
रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि देश में साइबर सिटी ही एक ऐसा शहर है जहां हर इलाके में हर स्टेटस के लोग रहते हैं। जिन्हें बेहतर लाइफ स्टाइल या स्टेटस वाले लोग चाहिए, मिल जाते हैं। यही वजह है कि दिल्ली के वसंत विहार, ग्रेटर कैलाश, रजोकरी एवं छतरपुर सहित एनसीआर के विभिन्न इलाकों में विकसित फार्म हाउसों में रहने वाले साइबर सिटी में अल्ट्रा लक्जरी फ्लैट बुक कराने लगे हैं।
हाईवे से कनेक्टिविटी बेहतर
मुंबई सहित देश के अन्य शहरों के कुछ इलाकों में ही स्टेटस वाले लोग रहते हैं। यही नहीं जिस तरह की सोसायटियां साइबर सिटी हो चुकी हैं, उस तरह देश के अन्य शहरों में अब विकसित होनी शुरू हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नजदीक होने का लाभ साइबर सिटी को अलग है। गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सोहना हाईवे से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
“मुंबई में लक्जरी हाउसिंग पर अभी जोर नहीं है। साइबर सिटी में कई साल पहले से इसके ऊपर जोर है। बड़े-बड़े फार्म हाउसों व कोठियों में रहने वाले लोगों को चार हजार से 10 हजार स्क्वायर फुट के फ्लैट सोसायटियों में मिल जाते हैं। फार्म हाउस या कोठी में वे अकेले रहते हैं। सोसायटी में फार्म हाउसों वाली सुविधाओं के साथ-साथ स्टेटस के लोग मिल जाते हैं। उनका सोशल नेटवर्क बढ़ जाता है। उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होता है। डीएलएफ की मैगनोलियाज, अरालियाज एवं कैमेलियाज ने फार्म हाउसों से लेकर बड़ी कोठियों में रहने वाले लोगों की सोच बदल दी है। डीएलएफ को देखकर कई कंपनियां इसी तरह प्रोजेक्ट पर जोर दे रही हैं।“
-प्रवीण जैन, प्रेसिडेंट, नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल
अल्ट्रा लक्जरी फ्लैटों की बिक्री में साइबर सिटी ने मुंबई को पीछे छोड़ा
गत वर्ष अल्ट्रा लक्जरी फ्लैटों की बिक्री में गुरुग्राम ने मुंबई को पीछे छोड़ दिया है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी और डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा कीमत वाले घरों की बिक्री 80 प्रतिशत बढ़कर 24,120 करोड़ रुपये हो गई।
मुंबई में इस मूल्य श्रेणी में 21,902 करोड़ रुपये के घरों की बिक्री हुई। गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा कीमत वाले लक्जरी फ्लैटों की बिक्री लगभग तीन गुना बढ़कर 1,494 यूनिट हो गई, जबकि उससे पहले वाले साल में यह 519 यूनिट थी। वैल्यू के हिसाब से पिछले साल बिक्री बढ़कर 24,120 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024 में 13,384 करोड़ रुपये थी।
इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए बाजार मिलकर इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, बेहतर प्रोडक्ट लांच और बेहतर कनेक्टिविटी से समर्थित ढांचागत विस्तार को बढ़ावा दे रहे हैं।
सीआरई मैट्रिक्स के सह संस्थापक और सीईओ अभिषेक किरण गुप्ता का कहना है कि पिछले दो सालों में लक्जरी सेगमेंट में हुई लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के भरोसे, मजबूत कैपिटल इनफ्लो और हाई-नेट-वर्थ लोगों के बढ़ते आधार को दिखाती है।
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