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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र: खिलाड़ियों को इनाम में मिले 536 करोड़ रुपये, 11 हजार से अधिक ने किया आवेदन

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हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम। फाइल फोटो



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में खिलाड़ियों को वर्ष 2019 से अब तक नकद पुरस्कार और छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत कुल 536 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सोमवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान खिलाड़ियों का मुद्दा उठाया था, जिस पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने विस्तृत विवरण सदन में रखा।

खेल मंत्री ने बताया कि कैश अवार्ड के लिए 11 हजार 489 खिलाड़ियों ने आवेदन किया। इनमें से 6 हजार 987 को मंजूरी दी जा चुकी है और 1361 लंबित हैं। सबसे ज्यादा आवेदन स्वर्ण पदक श्रेणी से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि खेल विभाग ने 2019 से 2025 तक खिलाड़ियों को 491.22 करोड़ रुपये नकद पुरस्कार के रूप में वितरित किए।

2019 में 38.10 करोड़, 2021 में 70.67, 2023 में 100.40, 2024 में 115.55 तथा 2025 में 104.09 करोड़ रुपये के कैश अवार्ड दिए गए। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के रूप में भी भारी रकम जारी की है।

खेल मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि आउट स्टैडिंग स्पोर्ट्स पर्सन (ओएसपी) के तहत 151 खिलाड़ियों को नौकरी आफर की गई। इनमें से 136 खिलाड़ियों ने ज्वाइन किया। इसी तरह ईएसपी (योग्य खिलाड़ी) कोटे के तहत चार हजार 778 खिलाड़ियों को नौकरियों की पेशकश की गई।

वहीं, जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट के सवाल के जवाब में खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 245 खेल स्टेडियम सक्रिय हैं। 27 निर्माणाधीन हैं और 27 नए स्टेडियम प्रस्तावित हैं। राज्य में खेलों के प्रशिक्षकों के कुल 1584 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 583 प्रशिक्षक कार्यरत हैं और 1001 पद खाली हैं। इन्हें जल्द भरा जाएगा।

विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि कैश अवार्ड योजना के तहत 2019 से अब तक कुल 11,489 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से मात्र 6987 स्वीकार किए गए। बाकी आवेदनों में बड़ी संख्या अस्वीकृत हुई, जबकि 1361 आवेदन अभी भी लंबित हैं। छात्रवृत्ति योजना में स्थिति और भी खराब है। कुल 26,408 आवेदन आए, जिनमें केवल 16,415 स्वीकृत हुए और 2209 लंबित पड़े हैं।

जब हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर हरियाणा का नाम रोशन कर रहे हैं, तब उनके पुरस्कार और छात्रवृत्तियां समय पर क्यों नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन (ओएसपी) कोटे के तहत अप्रैल 2021 के बाद ग्रुप-ए की केवल एक नौकरी दी गई है।

खिलाड़ियों को समय पर उनका कैश अवार्ड नहीं मिल पाता, जो उनके प्रशिक्षण के खर्च को पूरा करने में सहायक होता। इसी वजह से कई खिलाड़ी ओवरएज हो जाते हैं या मजबूरी में खेल छोड़ना पड़ता है।   
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