LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 882
Rohu Naini Carp Farming: जिला अब मत्स्य पालन के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Fish Production: जिला नीली क्रांति की दिशा में तेजी से अग्रसर हो रहा है। रोहू, नैनी और ग्रास कार्प जैसी प्रमुख प्रजातियों के उत्पादन में समस्तीपुर ने अपनी अलग पहचान बना ली है। मछली उत्पादन में लगातार हो रही बढ़ोतरी से यह जिला अब मत्स्य पालन के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 25.75 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ था, जबकि 2025-26 के लिए इसे बढ़ाकर 29 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्पादन में यह वृद्धि जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ मत्स्यपालकों की आय में भी इजाफा कर रही है।
3362 हेक्टेयर जल क्षेत्र में हो रहा मछली पालन
जिले में 1194 मत्स्य जलकरों के अंतर्गत कुल 3362 हेक्टेयर जल क्षेत्र में मछली पालन किया जा रहा है। यहां रोहू, नैनी, ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प और पंगेसियस जैसी प्रजातियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। जिले की 60 से 70 प्रतिशत आबादी मछली का सेवन करती है, जिससे प्रतिदिन 75 से 80 मीट्रिक टन मछली की खपत होती है।
स्थानीय उत्पादन के बावजूद मांग को पूरा करने के लिए प्रतिदिन 8 से 10 मीट्रिक टन मछली आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आयात करनी पड़ती है।
1200 से अधिक लाभुक हुए लाभान्वित
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत 1200 से अधिक लाभुकों को लाभ पहुंचाया गया है।
नीली क्रांति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अलावा सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत अलंकारी मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत थोक व खुदरा अलंकारी मत्स्य व्यवसाय, प्रजनन इकाई, संवर्धन और विपणन से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि यह व्यवसाय सतत और टिकाऊ बन सके।
युवाओं में बढ़ रही रुचि
जिला मत्स्य पदाधिकारी मो. नियाजुद्दीन ने बताया कि समस्तीपुर में मछली पालन की अपार संभावनाएं हैं। खासकर युवा पीढ़ी इस क्षेत्र में तेजी से जागरूक हो रही है। सरकारी स्तर पर प्रशिक्षण, भ्रमण कार्यक्रम और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर मत्स्यपालकों की आय में निरंतर वृद्धि की जा सके। |
|