तीन लाख से अधिक किसानों ने अभी तक नहीं कराई फार्मर रजिस्ट्री।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। किसानों को किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं की पारदर्शी तरीके से त्वरित लाभ प्रदान कर उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए एग्री स्टैक योजना के तहत जनपद के किसानों का आधार की तर्ज पर किसान कार्ड बनाया जा रहा है। योजना के शुरू हुए एक साल से अधिक समय बीत गए।
अभी तक तीन लाख से अधिक किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। रजिस्ट्री न कराने वालों में दो लाख ऐसे किसान हैं जो किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में कुल आठ लाख 16 हजार 662 किसान हैं। इनमें 6,73194 किसान किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी है, जिन्हें नियमित रूप से योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। लाभ पाने के लिए सभी लाभार्थियों को फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसान गोल्डेन कार्ड बनवाना है।
अगली किस्त के लिए किसान कार्ड (फार्मर रजिस्ट्री) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। एक साल से अनवरत चल रहे अभियान के बाद भी अभी तक सिर्फ चार लाख 73 हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है।
डिप्टी पीडी आत्मा रमेश चंद्र यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री में किसान का आधार नंबर, खसरा नंबर, मोबाइल नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जा रहा है। पूरा विवरण दर्ज होने के बाद किसानों को एक यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा।
रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा। कार्ड से मिलने वाले नंबर के जरिए ही पीएम किसान सम्मन निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जाएगा।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह जल्द से जल्द कृषि विभाग के कैंप अथवा भारत सरकार द्वारा जारी किए गए \“फार्मर रजिस्ट्री यूपी\“ एप से स्वयं घर बैठे कर सकते है।
जन सेवा केंद्र (सीएससी) से अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर व खतौनी ले जाकर निर्धारित शुल्क देकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसान कार्ड बनवा सकते हैं।
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