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100 गांवों में डेवलप होंगे कचरा मुक्त मॉडल तालाब, पिकनिक स्पॉट के रूप में होंगे विकसित

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जागरण संवाददाता। रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 100 तालाबों को प्लास्टिक मुक्त कर माडल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य तालाबों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त कर ग्रे वाटर प्रबंधन को मजबूत करना है।

इनमें उन तालाबों को चयन होगा जो नालियों से जुड़े हैं। तालाबों को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें बच्चों के लिए झूले व अन्य खेल की व्यवस्थाएं की जाएंगी। 100 गावों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी जा रही है।

रोक सकती है नालियों का पानी

ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट (किचन एवं बाथरूम से निकलने वाला दूषित जल) के साथ पालीथीन की अधिक मात्रा नालियों के पानी को रोके रखती हैं, इससे तालाबों में पहुंचने पानी अधिक दूषित हो जाता है। कूड़े-कचरे की अधिकता के कारण तालाबों में बायोकेमिकल आक्सीजन डिमांड एवं केमिकल आक्सीजन डिमांड बहुत अधिक हो गई है, जिससे तालाबों में जलीय जीवन पूर्णता समाप्त हो रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर एवं प्लास्टिक प्रबंधन योजना के तहत माडल तालाब विकास कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके तहत 100 ग्राम पंचायतों के ऐसे तालाबों का चयन किया जाना है जो कि प्रत्यक्ष रूप से नालियों से जुड़े है और आसपास कूड़े का ढेर इकट्ठा है। प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद के 5000 से ऊपर वाली जनसंख्या की ग्राम पंचायतों का चयन होना है। उक्त कार्यों में बजट के लिए तालाबों का डीपीआर एस्टीमेट बना कर शासन को भेजा जा रहा है।

तालाबों का होगा कायाकल्प

इस योजना के तहत तालाबों के चारों तरफ पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। बाउंड्री कराकर गेट लगाया जाएगा। बाउंड्री वाल में तालाब को स्वच्छ रखने व मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी के तहत स्लोगन लिखवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए झूलें व अन्य खेल की सुविधाएं होंगी। तालाब की सफाई के लिए सफाई कर्मी की तैनाती की जाएगी।

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कैसे होगा काम

योजना के तहत उचित प्रबंधन के लिए नालियों में फिल्टर चैंबर एवं वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड से पूर्व जाली लगवाकर ठोस कचरा पहले ही अलग कर लिया जाएगा। इससे तालाबों में फिल्टर होकर साफ पानी पहुंचेगा। नालियों में जाली से पूर्व एकत्रित कचरे को ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी के माध्यम से प्रत्येक दो दिवस में साफ करवा कर रिसोर्स रिकवरी सेंटर पर भेज दिया जाएगा। तालाब में साफ-स्वच्छ जल भरा होने से क्षेत्र का जल स्तर भी बढ़ेगा।


तालाबों को बचाने व जलस्तर बढ़ाने के लिए यह शानदार योजना है। तालाबों के चयन का कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में 100 तालाबों का कायाकल्प होगा। इसके लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। बहुत जल्द काम शुरू हो जाएगा। - सौम्यशील सिंह, डीपीआरओ, रायबरेली
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