खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगेगी रोक, अवैध दुकानें होंगी बंद
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सख्त रुख अपनाया है। भागलपुर में भी अब खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगेगी। नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री विजय सिन्हा ने विधानसभा सत्र के दौरान घोषणा की थी। जिसके बाद शनिवार को नगर निकायों को इसके अनुपालन का निर्देश दिया है।
इसके तहत भागलपुर में भी बिना अनुज्ञप्ति व खुले में संचालित मांस व मछली की दुकानों को बंद कराया जाएगा। निर्धारित मानकों का पालन करने वाली दुकानों को ही लाइसेंस दिया जाएगा। यह कार्रवाई बिहार नगर पालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345(4) के तहत की जाएगी। जिसमें अवैध प्रतिष्ठानों को सील करने तक का प्रावधान है।
विभागीय सख्ती के बाद उम्मीद है कि नगर निगम अपनी ओर से कार्रवाई तेज करेगा। शहर में स्वच्छ, व्यवस्थित और मानक आधारित मांस-मछली बाजार विकसित हो सकेगा, जिससे जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। निगम प्रशासन अब लोगों से अपील करेगा कि अवैध व अस्वास्थ्यकर बिक्री की सूचना दें। जो दुकानदार इन मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें ट्रेड लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
पहले चरण में नोटिस, फिर जुर्माना और दुकान सील करने की कार्रवाई होगी। दरअसल, खुले में मांस-मछली बिक्री से फूड प्वाइजनिंग, डायरिया और अन्य संक्रमण का खतरा रहता है। यह कदम जनहित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्तमान में भागलपुर शहर की स्थिति
नगर निगम क्षेत्र के तिलकामांझी मार्ग, परबत्ती, भीखनपुर, बरारी समेत कई बाजारों में सड़क किनारे खुले में मांस-मछली बिक्री की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। वहीं हुसैनाबाद, हसनाबाद, चंपानगर आदि क्षेत्रों में बूचड़खाना अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है। पूर्व में निगम ने कई बार अभियान चलाकर बंद करवाने का प्रयास किया। मछली व मांस की फिर भी सड़क किनारे खुलेआम बिक्री की जा रही है।
कई दुकानों को नोटिस दिया, परंतु व्यवस्था स्थायी रूप से लागू नहीं हो सकी। खुले में मांस लटकाने, रक्त व अपशिष्ट को नालों में बहाने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिक्री से दुर्गंध और गंदगी फैलती है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता है, खासकर गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। हालांकि नगर निगम ने अब तक किसी भी मांस-मछली के विक्रेताओं को लाइसेंस जारी नहीं किया है।
विभागीय निर्देश के मुख्य बिंदु
- बिना लाइसेंस संचालित दुकानों को तत्काल बंद किया जाएगा
- अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा
- धार्मिक, शैक्षणिक संस्थानों व सार्वजनिक स्थलों के निकट संचालित दुकानों की समीक्षा होगी
- खुले में मांस का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा
मांस-मछली दुकान के लिए अनिवार्य मानक
- नगर निकाय से वैध ट्रेड लाइसेंस
- पक्का फर्श व साफ-सुथरी दीवारें, नियमित धुलाई
- कांच व बंद डिस्प्ले काउंटर खुले में बिक्री वर्जित
- रेफ्रिजरेशन व स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
- रक्त व अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण
- अधिकृत बूचड़खाना से ही आपूर्ति
- विक्रेता व कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण
सरकार के निर्देश को शहर में सख्ती से अनुपालन करवाया जाएगा। नगर आयुक्त को कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा। खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगेगी। जो अमल नहीं करेगा, दुकान सील के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। - डॉ. बसुंधरा लाल, मेयर |
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