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मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि 4 करोड़ से 5 करोड़ करने की मांग उठी
राज्य ब्यूरो, पटना। पटना में सोमवार को विधानसभा का माहौल अलग ही नजर आया। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि बढ़ाने को लेकर सत्ता और विपक्ष एक सुर में दिखे। विधायकों ने योजना की राशि 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग रखी। कई सदस्यों ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए सरकार पर दबाव बनाया। पूर्व में प्रमोद कुमार समेत 30 से अधिक विधायकों ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण कराया था। सदन में इस विषय पर जोरदार बहस और नारेबाजी भी हुई।
योजना मंत्री का दो टूक जवाब
योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल राशि बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सांसदों की निधि बढ़ेगी, तब इस पर विचार किया जाएगा।
मंत्री के इस जवाब से कई विधायक असंतुष्ट दिखे। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि सरकार पूरी तरह दरवाजा बंद नहीं कर रही है। विधानसभा में मौजूद उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधायकों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
अन्य राज्यों के उदाहरण से घेरा
प्रमोद कुमार ने कहा कि मौजूदा राशि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार करीब एक करोड़ रुपए विभिन्न करों में ही खर्च हो जाते हैं। उन्होंने झारखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, केरल और उत्तराखंड का उदाहरण दिया।
बताया कि इन राज्यों में योजना की राशि 5 करोड़ या उससे अधिक है। नीरज कुमार बबलू ने कहा कि दिल्ली में तो यह राशि 10 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि बिहार के विधायकों को भी समान संसाधन मिलने चाहिए।
महंगाई और निर्माण लागत का मुद्दा
विधायक सुनील कुमार ने निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2023 के बाद से लागत डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है। ऐसे में मौजूदा राशि से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराना मुश्किल हो रहा है।
कई सदस्यों ने इसे विकास की रफ्तार से जुड़ा विषय बताया। सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले बजट में इस मांग पर क्या फैसला होता है।
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