ग्लास ब्रिज पर अब दोगुना रोमांच
जागरण संवाददाता, राजगीर(नालंदा)। राजगीर का वाइल्ड लाइफ जू सफारी अब केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने घोषणा की कि यहां गैंडा और शेर का प्रजनन केंद्र विकसित किया जाएगा। इस पहल से न सिर्फ जैव विविधता को मजबूती मिलेगी, बल्कि राजगीर की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी। राज्य सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
ग्लास ब्रिज पर अब दोगुनी क्षमता, बेहतर सुविधा
नेचर सफारी का ग्लास स्काई वाक ब्रिज पहले ही पर्यटकों का हॉटस्पॉट बन चुका है। अब प्रतिदिन एक हजार टिकट की सीमा बढ़ाकर दो हजार करने का प्रस्ताव है।
इसके लिए 20 अतिरिक्त वाहनों की खरीद की योजना बनाई गई है। दिव्यांग पर्यटकों के लिए रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था भी की जाएगी।
ट्वाय ट्रेन से ग्लास ब्रिज तक सफर
ग्लास ब्रिज देखने आने वाले पर्यटकों को नेचर सफारी तक पहुंचाने के लिए ट्वाय ट्रेन चलाई जाएगी। यह सुविधा खासकर परिवारों और बुजुर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ही अब ग्लास ब्रिज पर प्रतिबंध रहेगा। बच्चों के लिए अलग से मनोरंजन जोन और प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे।
हर कोने में नेटवर्क, हर कदम पर सुविधा
घोड़ा कटोरा से लेकर हिरण पार्क और ट्रैकिंग रूट तक पूरे नेचर सफारी क्षेत्र को मोबाइल नेटवर्क से आच्छादित किया जाएगा। पर्यटकों को सिग्नल की समस्या से राहत मिलेगी।
कियोस्क फूड सेंटर, आरओ वाटर कूलर और सेल्फ टिकटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। सोविनियर दुकानों से स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।
आस्था, प्रकृति और पर्यटन का संगम
राजगीर प्राकृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व का संगम है। कुंड से मां जरादेवी मंदिर तक जाम की स्थिति में पैदल यात्रियों के लिए पाथवे बनेगा।
वेणुवन विहार, जयप्रकाश उद्यान और घोड़ा कटोरा झील समेत सभी स्थलों का समग्र विकास होगा। स्पष्ट है, राजगीर अब सिर्फ सैरगाह नहींसंरक्षण, सुविधा और स्मार्ट पर्यटन का मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। |
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