वोट डालने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान।
डिजिटल डेस्क, रांची। आज झारखंड में 48 शहरी निकायों के लिए मतदान हो रहा है। 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में कुल 43 लाख से ज्यादा मतदाता मेयर और वार्ड पार्षदों का चुनाव करेंगे।
चुनाव बैलट पेपर से हो रहा है, जिसमें NOTA का विकल्प नहीं है। अगर आप वोट डालने जा रहे हैं, तो इन बातों का खास ख्याल रखें ताकि आपकी वोट व्यर्थ न हो।
यहां हम आपको वोटिंग की पूरी प्रक्रिया, मुहर लगाने का तरीका और आम गलतियों से बचने के टिप्स बता रहे हैं।
चुनाव की जरूरी जानकारी
- मतदान का समय: सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक। कुल 4,304 बूथों पर वोटिंग होगी।
- कुल मतदाता: 43,33,574 (22,07,203 पुरुष, 21,26,227 महिलाएं, 144 थर्ड जेंडर)।
- कैंडिडेट्स: मेयर/चेयरपर्सन के लिए 562 उम्मीदवार, वार्ड पार्षदों के लिए 5,562 उम्मीदवार। 1,087 वार्डों में चुनाव, जिसमें 41 वार्ड अनकॉन्टेस्टेड हैं।
चुनाव का तरीका: नॉन-पार्टी बेसिस पर डायरेक्ट इलेक्शन। बैलट पेपर का इस्तेमाल, EVM नहीं।
काउंटिंग: 27 फरवरी को सुबह 8 बजे से।
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट: 27 जनवरी से लागू है।
वोट डालने के लिए क्या-क्या लाएं?
पोलिंग बूथ पर पहुंचने से पहले अपनी आईडी जरूर चेक करें। बिना वैलिड आईडी के वोट नहीं डाल सकेंगे। स्वीकार्य आईडी हैं:
- वोटर आईडी कार्ड (EPIC)।
- आधार कार्ड।
- पैन कार्ड।
- पासपोर्ट।
- ड्राइविंग लाइसेंस।
- या चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 12 अन्य फोटो आईडी दस्तावेज।
वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करें। रांची, धनबाद, गिरिडीह जैसे जिलों में फाइनल वोटर लिस्ट ऑनलाइन उपलब्ध है। अगर कोई समस्या हो, तो हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
वोट कैसे डालें? पूरी प्रक्रिया समझें
झारखंड निकाय चुनाव में वोटिंग बैलट पेपर से होती है। मेयर/चेयरपर्सन और वार्ड पार्षद के लिए अलग-अलग बैलट पेपर दिए जाते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पोलिंग बूथ पर पहुंचें: अपनी आईडी दिखाकर वेरिफिकेशन करवाएं। बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही लगवाई जाएगी।
2. बैलट पेपर प्राप्त करें: आपको दो बैलट पेपर मिलेंगे:
- पिंक बैलट पेपर: मेयर/चेयरपर्सन के लिए।
- व्हाइट बैलट पेपर: वार्ड पार्षद के लिए।
प्रत्येक बैलट पर उम्मीदवारों के नाम, सिंबल और सीरियल नंबर होंगे।
3. वोटिंग कम्पार्टमेंट में जाएं: यहां प्राइवेसी में वोट डालें।
मुहर कैसे लगाएं
- आपको एक रबर स्टैंप (बैलट स्टैंप) दिया जाएगा।
- अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सिंबल के सामने स्टैंप से साफ-साफ निशान लगाएं। स्टैंप को ज्यादा जोर से न दबाएं, वरना स्याही फैल सकती है।
- ध्यान रखें: स्टैंप सिर्फ एक ही जगह लगाएं। अगर दो जगहों पर लग गया या स्याही फैल गई, तो वोट अमान्य हो सकता है।
- NOTA का विकल्प नहीं है, इसलिए किसी एक उम्मीदवार को ही चुनें।
- बैलट फोल्ड करें: बैलट पेपर को सही से फोल्ड करें ताकि आपका वोट सीक्रेट रहे।
- बैलट बॉक्स में डालें: दोनों बैलट पेपर एक ही बैलट बॉक्स में डालें।
पार्षद और मेयर अलग-अलग कैसे चुनें?
- मेयर/चेयरपर्सन: पिंक बैलट पर अपना वोट दें। यह शहर/निकाय स्तर का पद है।
- वार्ड पार्षद: व्हाइट बैलट पर वोट दें। यह आपके वार्ड के लोकल प्रतिनिधि के लिए है।
दोनों अलग-अलग बैलट हैं, इसलिए दोनों पर अलग-अलग स्टैंप लगाएं। एक बैलट पर गलती करने से दूसरा प्रभावित नहीं होगा, लेकिन दोनों को सही से भरें।
ऐसी गलतियां बिल्कुल न करें
- गलत स्टैंपिंग: स्टैंप को सिंबल के बाहर या दो उम्मीदवारों पर न लगाएं। इससे वोट रिजेक्ट हो सकता है।
- NOTA चुनने की कोशिश: NOTA नहीं है, इसलिए किसी उम्मीदवार को चुनना जरूरी है। अगर ब्लैंक छोड़ दिया, तो वोट अमान्य।
- आईडी भूलना: बिना आईडी के एंट्री नहीं मिलेगी।
- मोबाइल या कैमरा ले जाना: पोलिंग बूथ में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्रतिबंधित हैं।
- दूसरे की मदद लेना: वोटिंग कम्पार्टमेंट में अकेले रहें, कोई सलाह न लें।
- देर से पहुंचना: 5 बजे के बाद वोट नहीं डाल सकेंगे।
- वोट न डालना: वोटिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन लोकतंत्र की जिम्मेदारी निभाएं।
सुरक्षा और सहायता
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। अगर कोई अनियमितता दिखे, तो जिला चुनाव अधिकारी को रिपोर्ट करें। जिलों में हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। पोलिंग स्टेशन लिस्ट ऑनलाइन चेक करें।
यह चुनाव झारखंड के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। अपना वोट जरूर डालें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं! |