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Kishtwar Encounter: सेना के ऑपरेशन का हीरो टाइसन, गोली लगने के बाद भी आतंकियों को खोजा; सुरक्षाबलों ने किया ढेर

Chikheang Yesterday 21:26 views 466
  

Kishtwar Encounter: सेना के ऑपरेशन का हीरो टाइसन। फोटो जागरण



राज्य ब्यूरो, जम्मू। किश्तवाड़ के छात्रु इलाके के जंगलों में सेना के सफल अभियान का हीरो स्पेशल साइलेंट वारियर टाइसन छिपे तीन आतंकवादियों तक पहुंच गया था। के-9 टूपर टाइसन ने सैनिकों को उस जगह तक पहुंच दिया था यहां आतंकी छिपे। इस दौरान आतंकियों द्वारा गोली मारने से घायल टाइसन ने उनकी लोकेशन अपने साथियों को बताकर जिम्मेदारी निभाई थी।

रविवार को आतंकियों को मार गिराने के अभियान दौरान ग्यारह बजे के करीब सेना की 2 पैरा स्पेशल फोर्स का एलीट जर्मन शेफर्ड, आर्मी डाग टाइसन उस ढोक (छिपने के ठिकाने) तक पहुंच गया था यहां आतंकी छिपे हुए थे। टाइसन के पीछे उसके हैंडलर थे।
टाइसन के पैर में लगी गोली

इस दौरान आतंकवादियों ने अपने ओर आते टाइसन को निशाना बनाकर अपने लोकेशन दी। आतंकवादियों द्वारा दागी गई गोलियों में से एक टाइसन को अगले दाएं पैर में लगी थी। घायल टाइसन को सैनिकों द्वारा वहां से निकाले जाने के साथ घेरे गए आतंकियों को मार गिराने का अभियान जोर पकड़ गया था। टाइसन अगर आतंकियों को तलाश न लेता तो वे छिपकर सैनिकों को नुकसान भी पहुंचा सकते थे।

गोली लगने से घायल टाइसन को सेना द्वारा हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट कर उधमपुर के आर्मी अस्पताल ले जाया गयाा। वहां उसकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। सैन्य सूत्रों के अनुसार टाइसन क्षेत्र में आतंक विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभा रहा था।
आदिल को मारने में की मदद

तलाशी अभियानों के दौरान आतंकियों के छिपने के ठिकाने को तलाशने, विस्फोटक सामग्री का पता लगान में दक्ष टाइसन ने कुछ दिन पहले क्षेत्र में जैश के आतंकी आदिल को मारने में सैनिकों की मदद की थी। उसने सुरक्षाबलों के साथ सबसे आगे रह कर उसने आतंकी आदिल के हाइडआउट का पता लगाकर उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया था।

जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के के-9 दस्ते के आर्मी डाग आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं। कई बार आतंकियों द्वारा फिट आइडी को समय पर तलाश कर के-9 दस्ते ने बड़े हादसे टाले हैं। टाइसन जैसे आर्मी डाग को बेहद कठोर ट्रेनिंग दी जाती है।

वे अत्याधिक जोखिल वाली परिस्थितियों में सैनिकों की जान बचाने के लिए बिना किसी डर के मौत के मुंह में भी कूद जाते हैं। वर्ष 2024 में 4 साल का बेल्जियन मेलिनासय आर्मी डाग फैंटम जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए बलिदान हो गया था।

उसने जान देने से पहले सैनिकों को वह जगह दिखा था दी थी यहां पर आतंकी छिपे हुए थे। आर्मी डाग फैंटम के बलिदान की बदौलत सेना के जवानों ने छिपे तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।
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