सात माह बाद फिर से परिवहन विभाग सक्रिय हाे गया है। 15 दिन के अंदर दूसरी बार विज्ञापन जारी कर आयु पूरी कर चुके वाहनों पर कार्रवाई की बात कही।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उम्र पूरी कर चुके वाहनों का जिन्न अब फिर से बोतल से बाहर निकल आया है। परिवहन विभाग उम्र पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ फिर से अभियान शुरू करने जा रहा है।
ऐसे में जिन लोगों के पास ऐसे वाहन सार्वजनिक स्थानों पर खड़े हैं या जो लोग इन्हें चला रहे हैं, वे लोग सावधान हो जाएं परिवहन विभाग की टीम कभी भी उनके वाहन काे जब्त कर सकती है।
विभाग ने एक नोटिस में जनता को आगाह किया है कि उम्र पूरी कर चुके वाहनों को एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में पंजीकृत कर लें, इन वाहनों को स्क्रैप करा लेने का भी विकल्प उनके पास है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो ऐसे वाहनों को उठा लिया जाएगा।
61 लाख वाहनों का पंजीकरण रद
दिल्ली में 2018 से लेकर अब तक 8 लाख से अधिक वाहन एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में पंजीकृत कराए जा चुके हैं, वहीं 80 हजार के करीब वाहनों को स्क्रैप किया गया है। परिवहन विभाग ने पिछले 8 सालों में उम्र पूरी कर चुके 61 लाख वाहनों का पंजीकरण रद किया है।
यहां बता दें कि उम्र पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जुलाई में उस समय रुक गई थी जब दिल्ली सरकार इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट चली गई थी, और कोर्ट ने बाद में इस मामले में राहत भी दे दी थी जिस पर कार्रवाई रुक गई थी।
दिल्ली सरकार फिटनेस के आधार पर उम्र पूरी कर चुके वाहनों चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मागने के लिए अपील कर चुकी है। मगर अब सात माह बाद फिर से परिवहन विभाग सक्रिय हाे गया है। 15 दिन के अंदर दूसरी बार विज्ञापन जारी कर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की बात कही है।
बिना किसी अतिरिक्त सूचना के होंगे जब्त
परिवहन विभाग ने नोटिस के माध्यम से आम जनता काे आगाह किया है कि बीएस-तीन एवं उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले उम्र पूरी कर चुके वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी नोटिस में विभाग ने साफ किया है कि 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहन तथा 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन उम्र पूरी कर चुके वाहनों की श्रेणी में आते हैं।
ऐसे वाहनों के मालिकों सलाह दी है कि एनसीआर के बाहर स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओपी) प्राप्त करें। विभाग ने साफ किया है कि दिल्ली क्षेत्र के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर चलते हुए या पार्क किए गए बीएस-तीन एवं उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले उम्र पूरी कर चुके वाहन विधि के अनुसार बिना किसी अतिरिक्त सूचना के जब्त कर लिए जाएंगे और उन्हें स्क्रैप किया जाएगा।
बीएस-चार वाहनों का जिक्र कर भ्रम की स्थिति पैदा की
परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त व परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा रहते हैं सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-चार वाहनों के बारे में कार्रवाई को लेकर अभी ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है। मगर परिवहन विभाग ने अपने नोटिस में 10 साल पुराने डीजल वाहनों का जिक्र कर घुमा फिराकर बीएस-चार वाहनों का जिक्र कर भ्रम की स्थिति पैदा की है।
उन्होंने कहा है कि परिवहन विभाग को फिर से नोटिस जारी कर 10 साल पुराने वाहनों के मामले में स्थिति साफ करनी चाहिए। क्योंकि 10 साल पुराने वाहन बीएस-तीन की श्रेणी में नहीं आते हैं। उन्होंने बताया कि अब सीधे शब्दों में कहें तो एक अप्रैल 2010 से पहले के वाहन बीएस-तीन की श्रेणी में आते हैं और एक अप्रैल 2010 के बाद तथा एक अप्रैल 2020 से पहले के वाहन बीएस-चार की श्रेणी में आते हैं।
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