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तालिबान सरकार ने उचित समय पर जरूरी और सधी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है (फोटो: रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में हुए फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तान ने रविवार को अफगान सीमा के भीतर सात आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस कार्रवाई पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उचित समय पर जरूरी और सधी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन (आईएचआरएफ) के हवाले से दावा किया गया है कि रमजान के महीने में हुए इन हमलों में अफगानिस्तान के बेहसुद जिले में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हुई है। मृतकों में एक वर्ष का बच्चा और 80 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कई ठिकानों को निशाना बनाया
अफगानिस्तान के निजी समाचार चैनल टोलो न्यूज के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नांगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पतिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन जिलों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने दे।
वहीं, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ये हमले देश की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान की धरती से पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी हमलों का संचालन नहीं किया जा रहा है। गौरतलब है कि शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में हुए आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सिपाही की मौत हो गई थी।
दोनों देशों में तनाव
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के हमलों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद तथा बन्नू और बाजौर में हुए हमलों के पीछे \“ख्वारिज\“ समूह का हाथ बताया गया है। पाकिस्तान का आरोप है कि इन हमलों में अफगानिस्तान में मौजूद संचालकों का सहयोग था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दाएश खुरासान प्रांत (डीकेपी) के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), जिसे वह \“फितना अल ख्वारिज\“ कहता है, और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) से जुड़े तत्व सीमा पार से हमलों में शामिल रहे हैं।
दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से अविश्वास बना हुआ है। पिछले वर्ष अक्टूबर में सीमा पर हुए सैन्य संघर्ष में 23 पाकिस्तानी सैनिकों और करीब 200 अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया था।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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