इस खास कंक्रीट को तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने सदियों पुरानी रोमन वास्तुकला से प्रेरणा ली है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कल्पना कीजिए कि आपके घर की दीवारें, फर्श और नींव आपके घर के पंखे और लाइटें को चलाने के लिए बिजली पैदा करने लगें। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के शोधकर्ताओं ने इस कल्पना को हकीकत में बदलते हुए एक ऐसा \“स्मार्ट कंक्रीट\“ विकसित किया है, जो पूरी इमारत को एक विशाल बैटरी में बदल सकता है।
इस खास कंक्रीट को तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने सदियों पुरानी रोमन वास्तुकला से प्रेरणा ली है। इसमें साधारण सीमेंट और पानी के साथ \“कार्बन ब्लैक\“ (बेहद महीन कार्बन) और इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल किया गया है।
सुपरकैपेसिटर की तरह बिजली स्टोर करने में सक्षम
जब सीमेंट और पानी आपस में मिलते हैं, तो उनके बीच छोटे-छोटे छिद्र बन जाते हैं। कार्बन ब्लैक इन छिद्रों में जाकर एक तार की तरह \“कंडक्टर नेटवर्क\“ तैयार कर देता है। इस नए वर्जन को \“EC3\“ नाम दिया गया है। यह सामान्य निर्माण सामग्री की तरह मजबूत है और सुपरकैपेसिटर की तरह बिजली स्टोर करने में सक्षम भी है।
शोध के अनुसार, केवल एक घन मीटर कंक्रीट लगभग 2 किलोवॉट घंटा (kWh) बिजली जमा कर सकता है। मात्र 5 घन मीटर कंक्रीट एक औसत घर की पूरे दिन की बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है। दिन के समय सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को इन दीवारों में स्टोर किया जा सकेगा, जिसका उपयोग रात में हो पाएगा।
आजकल की बैटरियों (लिथियम-आयन) के मुकाबले यह कंक्रीट कई मायनों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसमें लिथियम या कोबाल्ट जैसे महंगे और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले खनिजों की जरूरत नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि सड़कों और पार्किंग लॉट बनाने में भी हो सकता है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को चलते-चलते या खड़े रहने पर चार्ज किया जा सके।
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