ट्रस्ट को हस्तांतरित हो गए सप्तर्षि मंदिर।
लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर के दक्षिणी हिस्से में परकोटे के बाहर निर्मित कराए गए रामायणकालीन सात ऋषियों-मुनियों के मंदिरों और शेषावतार मंदिर का हस्तांतरण श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कर दिया गया है। अब परकोटे में चल रहा फिनिशिंग व साफ-सफाई का कार्य पूरा होते ही छह पूरक मंदिरों को भी लार्सन एंड टुब्रो कंपनी मार्च तक हैंडओवर कर देगी।
परकोटे के मध्य ही इन पूरक मंदिरों का निर्माण होने के कारण इन्हें हस्तांतरित नहीं किया गया है, जबकि मंदिरों में संपूर्ण कार्य पूरा हो चुका है और प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा भी हो चुकी है। हस्तांतरण प्रक्रिया संपन्न हो जाने के बाद ट्रस्ट सभी मंदिरों में दर्शन आरंभ करा देगा।
परकोटे के मध्य निर्मित छह पूरक मंदिरों और इसके बाहर बने सप्तर्षि मंदिरों व शेषावतार मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गत वर्ष पांच जून को ही एक साथ कराई थी।
इसके बाद सभी सात पूरक मंदिरों में नियमित पूजन-अर्चन भी कराया जा रहा है। विशेष अवसरों पर अति विशिष्टजनों व कर्मियों को इन मंदिरों में दर्शन भी कराया जा रहा है, परंतु राम मंदिर के चारो ओर बने 732 मीटर लंबे परकोटे का कार्य अधूरा रह जाने के कारण किसी मंदिर में नियमित दर्शन नहीं शुरू किया जा सका।
पहले इनमें फरवरी में दर्शन शुरू कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन परकोटे का कार्य समय से पूर्ण नहीं हो पाने की वजह से इसे टाल दिया गया। परकोटे में चल रहा कार्य मार्च तक चलेगा, इसलिए दर्शन आरंभ करने की योजना स्थगित कर दी गई। इसी बीच ट्रस्ट ने वर्ष प्रतिपदा के दिन प्रस्तावित नवसंवत्सर समारोह की तैयारियां शुरू करा दीं।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सम्मिलित होना है, इस कारण तैयारियों के साथ सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।
सप्तर्षि व पूरक मंदिरों में नियमित दर्शन शुरू करने से पहले ट्रस्ट परीक्षण भी करना चाहता है, इसलिए अब नवसंवत्सर समारोह संपन्न होने के बाद ही दर्शन शुरू करने की योजना है।
सूत्रों का कहना है कि इस बीच ट्रस्ट निश्चित संख्या में दर्शनार्थियों को पूरक मंदिरों में भेज कर ट्रायल पूरा कर लेगा, जिससे बाद में कोई विषम परिस्थिति न उत्पन्न हो।
लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता ने बताया कि जनवरी माह में ही सप्तर्षि मंदिरों व शेषावतार मंदिर को ट्रस्ट को हैंडओवर कर दिया गया है, अब परकोटा व छह पूरक मंदिरों का हस्तांतरण शेष है।
परकोटा में कार्य समाप्त हो जाने पर इन्हें भी हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। प्रयास किया जा रहा कि राष्ट्रपति के आगमन के पहले ही कार्य पूरा करा लिया जाए।
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