Women Magistrate Monitoring: गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस आशय का पत्र जारी किया है। तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Girls Hostel Safety Check: पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद राज्य सरकार ने हॉस्टल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
अब जिले के सभी हॉस्टल और लॉज की जांच महिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराई जाएगी। इस संबंध में गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है।
गृह विभाग की ओर से यह निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग के पत्र के आलोक में जारी किया गया है। विशेष सचिव सुहिता अनुपम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी हॉस्टल एवं लॉज का पंजीकरण सक्षम प्राधिकार से अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान महिला मजिस्ट्रेट की तैनाती अनिवार्य होगी।
पूर्व में भी हॉस्टल की जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तब महिला मजिस्ट्रेट की निगरानी का प्रावधान नहीं था। अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। जांच टीम यह सुनिश्चित करेगी कि हॉस्टल में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन हो रहा है या नहीं।
इन बिंदुओं पर होगी जांच:
- हॉस्टल की वार्डन अनिवार्य रूप से महिला होगी।
- सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कर संबंधित थाने के पंजी में दर्ज किया जाएगा।
- हॉस्टल में पुरुषों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, चाहे वह परिवार का सदस्य ही क्यों न हो। उनके लिए अलग विजिटर रूम की व्यवस्था होगी।
- छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाएगी।
- किसी छात्रा की तबीयत खराब होने या संदिग्ध स्थिति में वार्डन को तुरंत अभिभावक और स्थानीय पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा।
- वार्डन की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी।
- हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी सघन जांच होगी।
सरकार के इस आदेश के बाद जिले में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी होने की उम्मीद है। |
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