जल्द शुरू होने वाला है हिंदू नववर्ष का पहला महीना (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन से चैत्र माह की शुरुआत होती है। सनातन धर्म में इस माह का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र माह (Chaitra Month 2026) में मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन कामों को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि चैत्र माह कब से शुरू होगा और इस माह से जुड़े नियम के बारे में।
इस दिन शुरू होगा चैत्र माह
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 03 मार्च को शाम 05 बजकर 07 मिनट से शुरू होगी और समापन 04 मार्च की शाम 04 बजकर 48 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च से होगी।
चैत्र माह में क्या करें?
- इस माह में सूर्य देव की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। रोजाना सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस माह में सूर्य देव की साधना करने से कारोबार में वृद्धि होती है और रुके हुए काम पूरे होते हैं।
- इसके अलावा इस माह में मां दुर्गा की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों और भगवान श्री राम की पूजा करने सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- देवी और भगवान राम की पूजा: इस महीने में चैत्र नवरात्रि और राम नवमी आती है। इसलिए मां दुर्गा के 9 स्वरूपों और भगवान श्री राम की उपासना करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
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चैत्र माह में क्या न करें?
- इस माह में किसी से क्रोध और वाद-विवाद न करें।
- इसके अलावा चैत्र नवरात्र के दौरान बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित है।
- ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें।
- तामसिक भोजन का सेवन न करें।
इस दिन से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से शुरू होगी।
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत-19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का समापन- 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर
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