सौदेबाजी करते कैमरे में कैद हुआ कर्मचारी। जागरण
हसीन शाह, गाजियाबाद। गाजियाबाद में नगर निगम के सिटी जोन में संपत्ति कम दिखाकर हाउस टैक्स कम करने के लिए सौदेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में संपत्ति का सर्वे कर रहा कर्मचारी संपत्ति मालिक से बात कर रहा है। नगर निगम का दावा है कि वीडियो सामने आने के बाद आरोपी आउटसोर्सिंग के कर्मचारी को हटा दिया गया है।
एक मिनट 13 सेकंड के वीडियो में दो लोग बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इसमें एक कर्मचारी और दूसरा को संपत्ति मालिक बताया जा रहा है।
संपत्ति मालिक पूछता है कि कितना करोगे? कर्मचारी जवाब देता है- जितना था उतना कर दूंगा। संपत्ति मालिक कहता है- मतलब बढ़कर आएगा दोबारा में? कर्मचारी जवाब देता है- दुकान नहीं दिखाउंगा, दुकान तो हटा ही दूंगा। मालिक कहता है- दुकान तो पहले कागजों में चढ़ी हुई हैं?
कर्मचारी कहता है कि मैं दुकान हटाकर जाउंगा। नहीं तो मैं चढ़ाना चाहूं तो चढ़ा भी सकता हूं। नीचे का 100 गज दिखाऊंगा, ऊपर का भी 100 गज दिखाऊंगा ठीक है...। कहो तो जितना बिल आ रहा है उतना कर दूं। चार हजार आ रहा है चार हजार ही कर दूंगा। अगर दूसरी दुकान हटवाओगे तो वैसे भी हटा दूंगा। जैसे तुम्हारी मर्जी होगी वैसे हटा दूंगा। बाकी न दुकान दिखाऊंगा न कुछ और दिखाउंगा।
संपत्ति मालिक कहता है कि चलो मैं बड़े भैया से बात करता लू। कर्मचारी कहता है कि कर लो मैं यहीं खड़ा हूं। इस वीडियो के सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारी इस पर बात करने से बच रहे हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय ने बताया कि यह सिटी जोन का मामला है। कर्मचारी को हटा दिया गया है।
कर निर्धारण के लिए कराया जा रहा है सर्वे
नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों में इजाफा हुआ है। कुछ लोगों ने अपने मकान में कमरों और तल की संख्या बढ़ा दी है। ऐसे में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को कर निर्धारण के लिए सर्वे का काम सौंप गया है। कर्मचारी नगर निगम क्षेत्र में सर्वे कर संपत्ति दर्ज कर रहे हैं। वह मकान, दुकान व अन्य संपत्ति की पैमाइश कर रहे हैं। जिससे छूटी संपत्ति टैक्स के दायरे का सके। कर्मचारी सर्वे का डाटा हर सप्ताह नगर निगम को उपलब्ध कराते हैं।
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गत वर्ष के मुताबिक, शहरी क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख कर दाता थे। सर्वे के बाद करदाताओं और संपत्ति में इजाफा होगा। जिससे निगम का राजस्व बढ़ेगा। इस वीडियो के सामने आने के बाद सर्वे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जितनी संपत्ति का सर्वे हुआ है उसकी जांच होनी चाहिए। |
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