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देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर हमले के बाद शिक्षक संगठनों में आक्रोश, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज

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प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में विधायक के समर्थकों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते कर्मचारी। जागरण



जागरण संवाददाता, देहरादून। ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद प्रदेशभर के शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

विभिन्न संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। शिक्षक संगठनों ने कार्रवाई न होने पर हड़ताल और बोर्ड परीक्षा के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

कार्मिक संगठनों ने घटना के समय रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। कई संगठनों ने इसे प्रशासनिक मर्यादा और कानून व्यवस्था पर गंभीर आघात बताया है।

राजकीय शिक्षक संघ ने कहा कि यदि विधायक व आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो परिषदीय परीक्षाओं के बहिष्कार तक का निर्णय लिया जा सकता है।

प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने पर संगठन सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नियमों के तहत विवाद समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है।

इस मामले में अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से हस्तक्षेप की मांग की है।


उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने चेताया कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश के सभी कार्यालय बंद करने पर विचार किया जाएगा। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रतिकूल बताते हुए तालाबंदी और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

मैं इस घटना की घोर निंदा करता हूं। यदि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई तो हम परिषदीय परीक्षा के बहिष्कार जैसे कठोर निर्णय लेने को बाध्य होंगे। असहमति का समाधान हिंसा नहीं हो सकता।
राम सिंह चौहान, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड

मैं निदेशक के साथ हुई मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस घटना से सभी सरकारी कार्यालयों में बैठे कार्मिकों में भय व्याप्त हो गया है।
विनय थपलियाल, अध्यक्ष, एससीईआरटी इकाई

मैं इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
धर्मेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ देहरादून

सरकार से मांग करता हूं कि शरारती तत्वों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, अन्यथा हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। तमाम शिक्षक संगठन इस प्रकरण में निदेशक के साथ खड़े हैं।
जगबीर सिंह खरोला, प्रदेश महामंत्री, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन

मैं इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं। विधि के शासन में इस प्रकार की घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। मेरा मानना है कि सभी पक्षों को नियमों के तहत संवाद से समाधान निकालना चाहिए।
अरुण पांडे, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत से आग्रह करता हूं कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
जगदीश राठी, प्रदेश अध्यक्ष, एससी/एसटी शिक्षक एसोसिएशन

यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो हम प्रदेश के समस्त कार्यालय बंद करने पर विचार करेंगे। शिक्षा विभाग ही नहीं अन्य विभागों के कार्मिक भी इस घटना में आंदोलन के लिए तैयार हैं।
पूर्णानंद नौटियाल, सचिव संयोजक, अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति

सरकारी कार्यालय में इस प्रकार की अराजकता बेहद शर्मनाक है। दोषियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं से कार्मिकों में असुरक्षा का भाव पैदा होता है।
दीपक जोशी, पूर्व अध्यक्ष, उत्तराखंड सचिवालय संघ

लोकतंत्र हिंसा से नहीं चलता। यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो हम तालाबंदी और कार्य बहिष्कार करेंगे। यह किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के लिए चिंताजनक स्थिति है।
स्वतंत्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ


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