नोएडा में कूड़ा प्रबंधन फेल। (AI Generated Image)
स्वाति भाटिया, नोएडा। शहर में कूड़ा-निस्तारण व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नोएडा प्राधिकरण के अधीन कूड़ा उठाने का जिम्मा संभाल रही संस्था एवीएन एनवायरो इंफ्रा कंपनी के कर्मचारियों की बार-बार होने वाली अचानक हड़ताल से सेक्टरों में गंदगी का अंबार लग गया है।
बिना पूर्व सूचना के काम बंद कर देने से निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में नोएडा के सेक्टर 22 और 75 , 121 के निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के महा प्रबंधक को शिकायत भी की लेकिन इसके बाद भी कोई हल नहीं हो रहा हैं।
सेक्टर-22 में कूड़े की ढेर। जागरण
घंटों पड़ा रहता है कूड़ा
स्थिति यह है कि लोग रोज की तरह सुबह कार्यालय जाने से पहले घरों के बाहर कूड़ा रख देते हैं, लेकिन वाहन न आने से वही कूड़ा घंटों पड़ा रहता है। आवारा कुत्ते उसे इधर-उधर फैला देते हैं, जिससे न केवल दुर्गंध फैलती है बल्कि पड़ोसियों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
कई बार हड़ताल की जानकारी तक नागरिकों को नहीं दी जाती, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है।
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स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाले वाहनों का कोई तय समय नहीं है। यदि वाहनों पर स्पष्ट समय-सारणी चस्पा कर दी जाए तो लोगों को सुविधा हो सकती है। साथ ही ड्राइवरों और हेल्परों के व्यवहार को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
सेक्टर-75 में बी-ब्लॉक में कूड़े का ढेर। जागरण
बताया जा रहा है कि हर छह माह में कर्मचारी मनमाने ढंग से हड़ताल पर बैठ जाते हैं। वर्तमान में झाड़ू और सफाई कर्मचारी भी काम बंद कर चुके हैं—हाजिरी लगाने के बाद भी कार्य नहीं किया जा रहा।
जनता है परेशान
- यहां कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं आते हैं आए दिन बिना जानकारी के हड़ताल पर रहते हैं, लोगों में बीमारियां पनप रही हैं, कई बार शिकायत की कोई समाधान नहीं हो रहा है।
- उषा डोगरा, निवासी सेक्टर 22
- कर्मचारी कई दिनों से हड़ताल पर है जगह- जगह कूड़े का ढेर हैं , कंपनी की लापरवाही के चलते लोगों के लिए यह बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, गंदगी और बीमारियां पैदा होने से लोगो की जान को खतरा है।
- सुरेंद्र नाग, सेक्टर 75
- कर्मचारी हड़ताल पर है, कंपनी और कर्मचारियों की लड़ाई में आम आदमी परेशान हो रहा है, लेकिन इसपर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है, कूड़े के ढेर से नोएडा कस्बे से भी बुरे हालात में पहुंच रहा है।
- अनिल धवन, सेक्टर 121
- लोग बहुत परेशान है, शहर में जगह- जगह कूड़ा है। इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है, स्वास्थ्य विभाग और कंपनी लापरवाह है। कंपनी और विभाग दोनों को इस संबंध में लिखा है।
- सुदर्शन अवस्थी सेक्टर 22
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क्या कहती कंपनी और मजदूर संघ
दरअसल कंपनी का नाम बदल रहा है, कर्मचारियों का कहना हैं कि उनको नौकरी के साथ ग्रेजुटी दे दी जाए, जबकि ग्रेच्युटी नौकरी छोड़ने के बाद दी जाती है, कंपनी पहले की डेट से ही ग्रेच्युटी को लिखकर देने को तैयार हैं, लेकिन कर्मचारी नहीं मान रहे, हमारी तरफ से एमेरजंसी में कूड़ा के लिए कोई इंतजाम किया जाता हैं या कर्मचारियों से बात करने का प्रयास किया जाता हैं तो ये अभद्रता पर उतर आते हैं। -
विकास कुमार, एजीएम, डोर डू डोर सर्विस , कंपनी
कंपनी ने पहले भी सात दिनों का वेतन न काटने का वादा किया था। लेकिन उसके बाद भी वेतन काटा, इसलिए सभी मजदूरों का भरोसा उठ चुका है, ऐसे में पहले ग्रेच्युटी की मांग की जा रही है, और जिनको नौकरी से निकाला गया है उनकी नौकरी की मांग की जा रही है। -
सतवीर मकवाना, यूपी अध्यक्ष अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ |