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जंगल को कूड़ाघर बनाने वालों की खैर नहीं, तीसरी आंख से रखी जाएगी नजर

deltin33 5 hour(s) ago views 658
  

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।



जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। जंगल को कूड़ाघर बनाने वालों पर अब तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी। तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला और किशनपुर रेंज में सड़क से लगते हुए जंगल में कूड़ा फेंकने वालों की पहचान करने के लिए ट्रायल के तौर पर कैमरे लगाए जाएंगे।

वैसे तो हमें खुद को सौभाग्यशाली समझना चाहिए कि हमारे आसपास जंगल हैं, जो प्राणवायु देते हैं और जल स्रोतों को रिचार्ज करते हैं। लेकिन, तमाम लोग ऐसे हैं कि वे इस बात को समझते नहीं हैं। वे अपना कूड़ा-कचरा जंगल में फेंक देते हैं, जबकि यह सर्वविदित है कि भविष्य में इसके घातक दुष्परिणाम हो सकते हैं। ऐसे कूड़ा फेंकने वालों की पहचान करने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग कदम उठाने जा रहा है।

यहां गौला रेंज में बागजाला रोड पर पावर हाउस के पास और फायर क्रू स्टेशन के पास एक-एक कैमरा लगाया जाएगा। इसी तरह दानीबंगर वन चौकी के पास और लालकुआं गेट के नजदीक भी दो-दो कैमरे लगाए जाएंगे। इसी प्रकार किशनपुर रेंज में चोरगलिया रोड पर छह कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी मदद से कूड़ा फेंकने वालों की पहचान करके उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वनाग्नि का भी रहता है खतरा

जंगल के पास कूड़ा फेंकने से न सिर्फ पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इससे गर्मियों में वनाग्नि का भी खतरा रहता है। क्योंकि कई बार लोग इस कूड़े में आग लगा देते हैं, जो फैलकर जंगल में पहुंच जाती है।


बार-बार लोगों से अपील की गई है कि वे जंगल के पास कूड़ा न फेंकें, लेकिन अब ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए ट्रायल के तौर पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो पूरी डिवीजन में कैमरे लगाएंगे। - हिमांशु बागरी, डीएफओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग


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