ट्रंप को बहुत बड़ा झटका, अमेरिकी राष्ट्रपति का टैरिफ गैरकानूनी घोषित; किसने सुनाया यह फैसला?
नई दिल्ली| अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप द्वारा लगाए गए बड़े पैमाने पर टैरिफ (आयात शुल्क) गैरकानूनी हैं।
कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति के रूप में असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं रखते।
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखी कि यह कानून आपात स्थिति के लिए है, न कि टैरिफ लगाने के लिए। यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीति को गहरा नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि उन्होंने कई देशों पर आपातकाल के नाम पर भारी टैरिफ थोपे थे।
ट्रंप की विदेश नीति और आर्थिक एजेंडे पर सीधा वार
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि राष्ट्रपति असीमित और एकतरफा टैरिफ लगाने की \“असाधारण शक्ति\“ का दावा कर रहे थे, लेकिन ऐसा करने के लिए साफ संसदीय अनुमति जरूरी है। कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की विदेश नीति और आर्थिक एजेंडे पर सीधा वार है।
गौरतलब है कि पिछले साल इसी कंजरवेटिव झुकाव वाली अदालत ने इमिग्रेशन, एजेंसी हेड्स की बर्खास्तगी और सरकारी खर्च में कटौती जैसे मामलों में ट्रंप का साथ दिया था। ऐसे में यह फैसला और भी अहम माना जा रहा है।
ट्रंप ने 12 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अगर कोर्ट ने टैरिफ के खिलाफ फैसला दिया तो अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंपनियों और देशों के निवेश दावों को जोड़ दिया जाए तो बोझ खरबों डॉलर तक पहुंच सकता है।
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भारत पर क्या असर?
- अगर टैरिफ हटते हैं तो भारत को राहत मिल सकती है।
- भारतीय स्टील, एल्युमिनियम और टेक्सटाइल निर्यात को फायदा।
- अमेरिका में भारतीय उत्पाद सस्ते हो सकते हैं।
- आईटी और मैन्युफैक्चरिंग निवेश पर सकारात्मक असर।
हालांकि, अगर अमेरिका को भारी रिफंड देना पड़ा तो वहां आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है, जिसका असर ग्लोबल बाजार और भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। साफ है, यह फैसला सिर्फ अमेरिका का नहीं, पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा और भारत को भी इसका सीधा असर झेलना या फायदा उठाना पड़ेगा। |
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