बठिंडा में पुलिस-किसान झड़प के बाद 400 अज्ञात पर केस (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा में पुलिस और किसानों के बीच हुई झड़प मामले में करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दरअसल, रामपुरा फूल ब्लॉक के जिओंद गांव में बुधवार को पुलिस और भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई थी।
देखते ही देखते मामला बढ़ गया और झड़प होने लगी। इस दौरान पथराव भी हुआ, जबकि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। अब पुलिस ने हत्या के प्रयास और लोक सेवकों पर हमला करने के आरोप में करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इससे पहले छह फरवरी को भी पुलिस ने तीन थानों में दो हजार से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए थे। आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान एक डीएसपी समेत पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया गया, बैरिकेड तोड़े गए, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया और कानून-व्यवस्था भंग की गई।
दोनों मौकों पर किसान बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर तक मार्च कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि शगनदीप सिंह जिओंद और बलदेव सिंह चौके को रिहा किया जाए। दोनों पर जनवरी 2025 में पुलिस टीम पर कथित हमले के मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज है और वे अप्रैल 2025 से जेल में बंद हैं।
बुधवार की हिंसा में दो किसान घायल हुए और एक के हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे की टांग में फ्रैक्चर हुआ। वहीं, रामपुरा फूल के एसडीएम को भी मामूली चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार घायल किसानों के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं। घटना के बाद किसानों ने गोबिंदपुरा गांव में प्रदर्शन मार्च निकालकर एफआईआर रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, यूनियन नेताओं ने बताया कि दोनों गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन आदेश की प्रति न मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पाई।
इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि क्षेत्र को शामिल किए जाने के विरोध में बरनाला में 10 मार्च को विशाल रैली की घोषणा की है। मोर्चा नेता रामिंदर सिंह पटियाला ने बताया कि रैली में जल बंटवारे, कृषि ऋण माफी, बिजली और बीज विधेयकों जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने बठिंडा के एसएसपी के खिलाफ किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर कार्रवाई की मांग भी की। |
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