एनईपी-2020 के तहत गठित की जम्मू-कश्मीर में डिविजनल स्तर की मानसिक स्वास्थ्य समिति।
जागरण संवाददाता, जम्मू। हाल के वर्षों में विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव, चिंता, अवसाद, नशे की प्रवृत्ति तथा मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
नई शिक्षा नीति 2020 (एनइपी-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों और शिक्षकों के समग्र विकास, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के अधीन डिविजनल स्तर की मानसिक स्वास्थ्य समिति का गठन किया गया है, जो बच्चों के साथ उनके शिक्षकों को भी तनाव से दूर रखने में मदद करेगी।
एचओडी रोमेश कुमार को सदस्य सचिव नामित किया गया
शिक्षा निदेशालय जम्मू की ओर से गठित इस समिति का अध्यक्ष संयुक्त निदेशक गुरुदेव कुमार को बनाया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू अजीत शर्मा तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी रामबन मोहम्मद सुल्तान खान को समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं, डाइट के एचओडी रोमेश कुमार को सदस्य सचिव नामित किया गया है।
समिति का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में जीवन कौशल, परामर्श सेवाओं, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक सुदृढ़ता को बढ़ावा देना है। इसके तहत नीति, दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। जीवन कौशल शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को स्कूल टाइम-टेबल में शामिल करने की रूपरेखा भी बनाई जाएगी। यह समिति शिक्षकों, प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों और जोनल शिक्षा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी, ताकि वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान कर सकें।
काउंसलरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
साथ ही विद्यार्थियों में तनाव, चिंता, अवसाद और नशे से जुड़े जोखिमों की पहचान के लिए संकेतक और तंत्र विकसित किए जाएंगे।इसके अलावा विद्यालय एवं क्लस्टर स्तर पर काउंसलर भी तैयार किए गए जाएंगे, जो बच्चों व शिक्षकों में तनाव की पहचान करें उनको परामर्श देंगे। इन काउंसलरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वहीं अभिभावकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम तथा संबंधित विभागों के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान भी चलाए जाएंगे। समिति जम्मू संभाग के सभी स्कूलों में इन दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर निदेशालय को परामर्श देगी। |