जागरण संवाददाता, नौगांवा। कौड़िया गांव धर्मापुर गौशाला में बाघ ने पिछले तीन दिनों के भीतर दो बार हमला कर दो गौवंशों को अपना शिकार बना लिया । जंगल किनारे स्थित इस गौशाला में लगातार हो रहे हमलों से न केवल गौशाला प्रबंधन बल्कि पूरे इलाके के ग्रामीणों में दहशत है।
पहली घटना 17 फरवरी की रात को हुई थी। बाघ ने गौशाला की पूर्वी दिशा में लगी ऊंची बाड़ को एक ही छलांग में पार कर लिया और अंदर बंधी एक बछिया को मार डाला। अभी ग्रामीण और कर्मचारी इस हमले के खौफ से उबर भी नहीं पाए थे कि 19 फरवरी गुरुवार की रात बाघ ने दोबारा उसी अंदाज में गौशाला में धावा बोल दिया। इस बार बाघ ने एक गाय को अपना शिकार बनाया।
मंजर देखकर उड़े लोगों के होश
सुबह जब कर्मचारी गौशाला पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि धर्मापुर गौशाला बिल्कुल जंगल की सीमा से सटी हुई है जिससे यहां हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही अक्सर बनी रहती है। ग्राम पंचायत ने गौवंशों की सुरक्षा के मद्देनजर बाड़ को ऊंचा और मजबूत करने के तमाम जतन किए थे लेकिन बाघ की ताकत के आगे प्रशासन के यह सारे इंतजाम बौने साबित हो रहे हैं।
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वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया है। मझगईं रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि बाघ की मूवमेंट को ट्रेस करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाघ की लोकेशन ट्रैक होते ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। |
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