LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 134
विधि संवाददाता, देवरिया। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) वीरेंद्र सिंह की कोर्ट के आदेश पर मेडिकल कालेज में बुधवार को चिकित्सीय बोर्ड की देखरेख में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी का गर्भपात कराया गया। साथ ही भ्रूण की डीएनए सैंपलिंग की गई। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ 30 नवंबर 2025 को दुष्कर्म की घटना हुई थी, जिसमें आरोपित युवक को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस मामले में पीड़िता की मां की ओर से विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) की कोर्ट में 17 जनवरी को प्रार्थना पत्र दिया गया और बताया गया कि नागालिग पुत्री सात माह की गर्भवती है। चिकित्सीय रिपोर्ट में उसकी शारीरिक व मानसिक स्थिति अत्यंत खराब बताई गई। स्वजन ने कोर्ट से गर्भ गिराने की अनुमति देने की मांग की।
कोर्ट ने उसी दिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया था कि पीड़िता की चिकित्सीय आख्या मेडिकल बोर्ड से कराकर अविलंब न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट सात फरवरी को प्रस्तुत की गई। चिकित्सीय रिपोर्ट, उच्चतम न्यायालय के निर्णयों व प्रासंगिक कानूनी प्रविधानों के आलोक में कोर्ट ने माना कि यौन हमले, बलात्कार या कौटुंबिक व्यभिचार के मामलों में उत्तरजीवी को गर्भ समापन की अनुमति देना न्यायोचित है।
यह भी पढ़ें- देवरिया-कसया फोरलेन निर्माण के लिए 102 करोड़ की पहली किस्त जारी, गंडक पर बनेगा पुल
कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया था कि पीड़िता का गर्भ समापन विधिक व चिकित्सीय प्रविधानों के तहत, उसके जीवन व स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाए। जिसके बाद दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। महिला चिकित्सकों की देखरेख में गर्भपात कराया गया। मेडिकल कालेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एचके मिश्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया गया है। |
|